सऊदी हुकूमत ने रमजान शरीफ का वीजा फिर से एक महीने का कर दिया है। पहले वीजा अवधि घटा कर 15 दिन कर दी गई थी। मौहतमिर (उमरा यात्री) अब अपनी सहूलियत के हिसाब से जा सकते है। वह चाहे तो 15 या 20 दिन में भी वापसी का टिकट करवा सकते हैं।
बरेली हज सेवा समिति के प्रवक्ता पम्मी खां वारसी ने बताया कि बरेली से लगभग 250 लोगों के इस बार रमजान शरीफ में मक्का शरीफ और मदीना शरीफ जाने की संभावना है। रमजान शरीफ की पहली उड़ान लखनऊ से 2 जून को होगी और जो लोग मदीने में ईद करने जा रहे है वो 8 जून को जद्दा के लिए रवाना होंगे।
अलबत्ता इस साल रमजान की उमरा यात्रा मंहगी हो गई है। पिछले साल 15 से 20 दिनों कि यात्रा पर 75 हजार रुपये खर्च आया था। जो इस साल 90 हजार हो गया है। इसके अलावा पिछले साल एक महीने की यात्रा 85 हजार रुपये की थी जो इस साल 95 हजार से एक लाख रुपये तक हो गई है।
एक अन्य जानकारी के अनुसार भारत से इस साल मदीने शरीफ और मक्का शरीफ में रमजान और ईद मनाने लगभग 40 हजार मोहतमिर जा रहे हैं जो उमराह वहां उमरा करेंगे।
महफिले हज 29 को
29 मई को फरीदपुर में महफिल-ए-हज का आयोजन किया जा रहा है। इस कार्यक्रम में फरीदपुर व आसपास के आजमीन-ए-हज बड़ी तादात में शिरकत करेंगे। कार्यक्रम की सदारत बरेली हज सेवा समिति के अध्यक्ष एवं विधायक अताउर्रहमान करेंगे। यह जानकारी समिति प्रवक्ता पम्मी खां वारसी ने दी है।