स्क्रूटनी समिति के सामने रखा जाएगा मामला
एडीएम सिटी ने बताया कि किसी भी अभ्यर्थी की जाति अथवा जारी जाति प्रमाणपत्र के सत्यापन का अधिकार जिला स्क्रूटनी कमेटी को है। इसके अध्यक्ष डीएम हैं, जबकि चार सदस्यों में एडीएम सिटी, एसडीएम सदर, जिला समाज कल्याण अधिकारी और जिला पिछड़ा वर्ग कल्याण अधिकारी हैं। उन्होंने बताया कि इस कमेटी के सामने केंद्रपाल के मामले को प्रस्तुत करने से पहले स्पष्टीकरण लेंगे और प्रक्रिया के तहत कार्रवाई होगी।
इंटर के छात्रों को पढ़ा रहे अंग्रेजी केंद्रपाल
केंद्रपाल ने बुलंदशहर जिले के रसूलगढ़ पहासू स्थित पं. दीनदयाल उपाध्याय राजकीय मॉडल इंटर कॉलेज में 23 अक्टूबर 2020 को नियुक्ति पाई थी। बताया जा रहा है कि वह वर्तमान में बुलंदशहर के ही राजकीय हाईस्कूल बदरखासी खास पहासू में संबद्ध है। उनकी नियुक्ति इंटरमीडिएट के छात्रों को अंग्रेजी पढ़ाने के लिए सहायक अध्यापक पद पर हुई थी।
एडीएम सिटी सौरभ दुबे ने कहा कि बुलंदशहर में सहायक अध्यापक पद पर नियुक्ति पाने के लिए केंद्रपाल ने धनगर जाति का प्रमाणपत्र लगाया है। उसे उन्होंने फर्जी दस्तावेजों के सहारे सदर तहसील से प्राप्त किया है। अब कार्रवाई के लिए प्रकरण को जिला स्क्रूटनी कमेटी के पास भेजा जा रहा है। इससे पहले केंद्रपाल का जवाब लेने के लिए नोटिस जारी किया जाएगा।