बरेली। पर्यावरणीय अधिनियमों का पालन न करने पर मारिया फ्रोजन एग्रो फूड्स प्राइवेट लिमिटेड को उप्र प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने कारण बताओ नोटिस जारी किया है। पूछा है कि क्यों न बंदी आदेश जारी किया जाए? 15 दिन में संतोषजनक जवाब नहीं देने पर कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।
वृत्त सात के मुख्य पर्यावरण अधिकारी राम गोपाल के अनुसार, मोहनपुर तिराहा स्थित मारिया फ्रोजन एग्रो फूड्स प्राइवेट लिमिटेड का 24 जून को उप्र प्रदूषण बोर्ड की ओर से गठित समिति ने निरीक्षण किया था। निरीक्षण में करनाल पद्धति पर विकसित वृक्षों की सिंचाई के लिए नालियां नहीं पाई गईं। वाटर नेटवर्क पाइपलाइन भी नहीं मिली। मान्यता प्राप्त संस्थान से बनवाया गया इरिगेशन प्लान भी उपलब्ध नहीं कराया गया। पशुओं की कटान से जनित गोबर को ड्राई करने की मशीन नहीं मिली। वृक्षों के आस-पास गोबर का भंडार पाया गया।
ईटीपी में स्थापित यूएसबीआर यूनिट का रखरखाव और संंचालन संतोषजनक नहीं मिला। यूएसबीआर से गैस उत्सर्जित होती नहीं मिली, न गैस के फ्लेयरिंग के लिए स्टैक व बर्नर मिला। एक्टिवेटिड कार्बन फिल्टर को बाइपास कर सीधे ट्रीटेड वाटर कलेक्शन टैंक में भंडारण होते मिला था। इसको लेकर मारिया फ्रोजन को नोटिस देकर पूछा है कि क्यों न बंदी का आदेश पारित कर विद्युत और जलापूर्ति तत्काल रोक दी जाए?