बरेली। पुरुष प्रधान सोच को धता बताते हुए महिलाएं भी अब हर क्षेत्र में नाम कमा रही हैं। अपने हुनर से साबित करके दिखाया है कि महिलाएं अब मजबूर नहीं, मजबूत हैं, मिसाल हैं। ऐसी ही दो महिलाओं से परिचय कराते हैं, जिन्होंने पुरुषों का पेशा माने जाने वाले बॉडी बिल्डिंग और समाजसेवा में न केवल शहर का नाम रोशन किया है, बल्कि देशभर में शोहरत है। इस साल इन्हें बड़े खिताबों से नवाजा भी गया।
रश्मि को बॉडी बिल्डिंग में मिला मिस इंडिया का खिताब, बच्चियों को दे रहीं प्रशिक्षण
रामपुर बाग की रहने वालीं रश्मि छाबड़ा ने तमाम विरोध और चुनौतियों के बाद भी न केवल बॉडी बिल्डिंग को चुना, बल्कि बड़ा नाम भी कमाया। उन्होंने 15 सितंबर 2024 को उत्तराखंड के काशीपुर में हुई बॉडी बिल्डिंग प्रतियोगिता में मिस इंडिया का खिताब जीता। रश्मि बॉडी बिल्डिंग को अपना शौक मानती हैं। अपनी बेटियों व दूसरे बच्चियों को भी अपनी तरह बनाना चाहती हैं। इसके लिए वह प्रशिक्षण भी देती हैं और विभिन्न प्रतियोगिताओं में प्रतिभाग करने भेजती हैं।
समाजसेवा के लिए डॉ. शबीन को मिला भारत विभूषण पुरस्कार, जरूरतमंदों को देती हैं मुफ्त शिक्षा
सामाजिक क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान के लिए डॉ. शबीन अहसन का नाम उभरा है। उनके सामाजिक कार्य को देखते हुए उन्हें दिल्ली में इसी साल ‘भारत विभूषण पुरस्कार’ से नवाजा गया। यह पुरस्कार उन्हें दिल्ली विधानसभा में विधानसभा अध्यक्ष राम निवास गोयल ने दिया। डॉ. शबीन बीइंग अलाइव फाउंडेशन की अध्यक्ष हैं। उनका फाउंडेशन बीइंग अलाइव अकादमी कोचिंग के माध्यम से वंचित वर्ग के दो सौ टॉपर्स के लिए 100 प्रतिशत छात्रवृत्ति कार्यक्रम चला रहा है। डॉ. शबीन ‘सैनिटाइजेशन वॉरियर्स’ पहल का भी नेतृत्व कर रही हैं। नगर निगम के साथ मिलकर तीन सौ झुग्गीवासियों को मुफ्त भोजन, मुफ्त शिक्षा और मुफ्त स्वास्थ्य जांच प्रदान कराती हैं। महिलाओं को भी स्वावलंबी बनाने की दिशा में काम कर रही हैं। संवाद
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फिल्मी व रंगमंच जगत के सितारों से जगमगाता रहा पूरा साल
बरेली। मनोरंजन की दृष्टि से देखें तो यह साल काफी सुखद भरा रहा। तमाम फिल्मी दुनिया, मंचीय कलाकार और रंगमंच जगत के सितारों ने इस शहर को पूरे साल जगमग किया। इसमें कुछ बॉलीवुड, टीवी व स्टेज के बड़े कलाकारों के नाम शामिल हैं। इन तमाम कलाकारों के बरेली आने का सिलसिला फरवरी 2024 से ही शुरू हो गया था। इसमें बॉलीवुड अभिनेता रजा मुराद, गायक व अभिनेता अरुण बक्शी, हास्य अभिनेता राज पाल यादव व मुश्ताक खान, स्टेज सिंगर आस्था गिल व शिरले सेठिया, टीवी कलाकार निया शर्मा, स्टैंडअप कामेडियन अनुभव सिंह बस्सी और भजन गायक लखबीर सिंह लक्खा जैसे कलाकार बरेली आए। इसी तरह रंगमंच जगत की बात करें तो विंडरमेयर थिएटर में यूं तो साल में कई नाटकों के मंचन होते रहे। फिल्म अभिनेता मानव कौल, कुमुद मिश्रा, शुभ्रा ज्योति बराट, रंगकर्मी ज्योति डोगरा, नाट्य लेखिका व रंगकर्मी सुमन केसरी, रंगकर्मी अनुभव फतेहपुरी जैसे कलाकार नाटक लेकर आए। एनएसडी के पास आउट रंगकर्मी सुशील शर्मा ने नाट्य कार्यशाला कराई थी। इसमें तैयार किया गया नाटक ‘जसमा ओढ़न’ का मंचन किया गया। रिद्धिमा थिएटर की बात करें तो यहां फिल्म अभिनेता नसीरुद्दीन के भाई फिल्म व रंगमंच के कलाकार सलीम शाह नाटक ‘फैमिली सर्कस’ लेकर आए थे। अक्तूबर में सप्ताह भर चला रंग महोत्सव थिएटर फैस्टिवल भी खास आयोजनों में रहा। इसमें देश के चुनिंदा नाट्य दलों की ओर से मंचित नाटक की प्रस्तुतियां गवाह बनीं। संवाद
रंगमंच के लिए सुखद रहा साल... टैरिस थिएटर की शुरुआत
इधर महंगे प्रेक्षागृह, ताम झाम और भारी खर्च से बचने के लिए बरेली में इस साल से टैरिस थिएटर की शुरुआत हुई है। मकसद है आम लोगों तक रंगमंच को ले जाना और इसके माध्यम से जन-जन तक बात पहुंचाना। इसमें दिसंबर में वरिष्ठ रंगकर्मी संजय सक्सेना ने अपने घर की छत पर नाट्य मंच बनाया और यहां नटराज कला समिति ने ‘दीमक’ नाटक का मंचन किया। इससे पहले सितंबर में कौशांबी शर्मा ने अपनी संस्था रंग रुबाई की ओर से ‘मन और हट’ नाटक का मंचन किया था।