बरेली। पुलिस ने इस साल अपराधियों पर ताबड़तोड़ कार्रवाई की, लेकिन उनका महकमा भी भ्रष्टाचार और लापरवाही के आरोपों से घिरा रहा। अनुशासनहीन पुलिसवाले विभाग की किरकिरी कराते रहे। पूरे साल महकमे में रिश्वतखोरी के मामले सामने आते रहे। हत्या और लूट जैसे अपराधों में पुलिस की लापरवाही उजागर हुई। वर्दीवालों के रंगदारी मांगने के मामले भी सामने आए। ऐसे पुलिसवालों पर एसएसपी ने कार्रवाई की। कई जेल भी भेजे गए। एंटी करप्शन टीम ने भी रिश्वतखोरी के मामलों में तत्परता से कार्रवाई की। ब्यूरो
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जनवरी : युवक की आत्महत्या के मामले में दरोगा पर रिपोर्ट
शाही थाना क्षेत्र के युवक ने फतेहगंज पश्चिमी में ट्रेन के आगे कूदकर जान दे दी थी। युवक के पिता ने आरोप लगाया कि एक दरोगा उनके बेटे को लड़की ले जाने के मामले में फंसाने की धमकी दे रहा था, इसलिए उसने आत्महत्या कर ली। एसएसपी ने दरोगा के खिलाफ फतेहगंज पश्चिमी थाने में रिपोर्ट दर्ज करवाई थी।
फरवरी : जिला कमांडेंट के इशारे पर होमगार्ड ने ली रिश्वत
परेड बहाली के नाम पर आंवला के होमगार्ड से रिश्वत मांगी गई थी। एंटी करप्शन टीम ने जिला कमांडेंट के हमराह होमगार्ड को रिश्वत लेते पकड़ा तो उसने बताया था कि जिला कमांडेंट के कहने पर वह रुपये ले रहा था। स्कूटी से एक लाख रुपये भी बरामद किए गए। आरोपी को जेल भेजकर जिला कमांडेंट को भी आरोपी बनाया गया।
मार्च : दुकान संचालक रंगदारी मांगने में तीन सिपाही नपे
पुलिस लाइन के तीन सिपाहियों ने सुभाषनगर क्षेत्र में शराब की दुकान पर हंगामा किया था। दुकान संचालक को पीटकर उससे रंगदारी मांगी थी। नशे में धुत्त तीनों सिपाहियों को एसएसपी ने निलंबित कर दिया था। साथ ही, उनके खिलाफ विभागीय जांच भी बैठाई थी।
अप्रैल : होमगार्ड ने किराया मांगने पर पीटा, वीडियो वायरल
एक होमगार्ड ने टेंपो चालक की पिटाई कर दी थी। होमगार्ड को सिटी स्टेशन पर छोड़ने के बाद टेंपो चालक ने किराया मांगा तो वह वर्दी का रौब दिखाने लगा। घटना का वीडियो भी वायरल हो गया था। अप्रैल में ही फतेहगंज पूर्वी के एक इंस्पेक्टर पर भी मारपीट के आरोप लगे थे।
मई : हत्या और लूट में लापरवाही पर कार्रवाई
शाही क्षेत्र में एक महिला की हत्या कर लूट की घटना हुई थी। एसएसपी ने इंस्पेक्टर और दुनका चौकी प्रभारी को लापरवाही बरतने के आरोप में लाइन हाजिर कर दिया था। हालांकि, बाद में महिला की हत्या में उसके पति का ही हाथ निकला था।
जून : दस हजार लेते चौकी प्रभारी गिरफ्तार
बंजरिया चौकी प्रभारी मुकदमा खत्म करने के नाम पर दस हजार रुपये घूस लेते रंगे हाथ गिरफ्तार हुआ। जून में ही सीबीगंज के एक दरोगा पर कार्रवाई के बदले रिश्वत मांगने का आरोप लगा। रिकाॅर्डिंग सुनकर एसएसपी ने दरोगा और एक सिपाही को निलंबित कर दिया था। विभागीय जांच भी बैठाई थी।
जुलाई : करगैना चौकी प्रभारी रिश्वतखोरी में नपे
करगैना चौकी प्रभारी ने मुकदमे से नाम निकालने और धाराएं कम करने के बदले एक लाख रुपये रिश्वत की मांग की। रिश्वत का आधा हिस्सा पचास हजार रुपये लेते समय एंटी करप्शन टीम ने उसे गिरफ्तार कर लिया था। चौकी प्रभारी के कमरे से लाखों रुपये बरामद हुए थे।
अगस्त : इंस्पेक्टर के कमरे से मिले दस लाख रुपये
फरीदपुर के तत्कालीन इंस्पेक्टर रामसेवक पर स्मैक तस्करों को छोड़ने के लिए सात लाख में सौदा करने का आरोप लगा। एसपी दक्षिणी ने छापा मारा तो इंस्पेक्टर थाने की दीवार फांदकर भाग गया। उसके कमरे से करीब दस लाख रुपये बरामद हुए थे। इंस्पेक्टर के खिलाफ रिपोर्ट भी दर्ज कराई गई थी।
नवंबर : अलीगंज के दरोगा की हुई गिरफ्तारी
अलीगंज थाने में दरोगा ने जानलेवा हमले के एक मामले में कार्रवाई के लिए रिश्वत मांगी थी। दरोगा को पंद्रह हजार रुपये रिश्वत लेते हुए एंटी करप्शन टीम ने रंगेहाथ गिरफ्तार किया था। दरोगा के खिलाफ भमोरा थाने में रिपोर्ट दर्ज करवाकर जेल भेज दिया गया था।
दिसंबर : दंपती ने किया समझौता, रुपये मांगने वाला दरोगा फंसा
साल बीतते-बीतते भी मीरगंज थाने का एक दरोगा भ्रष्टाचार में फंस गया। दंपती के बीच हुए मुकदमे में दोनों ने लिखित समझौता कर लिया था। इसके बाद भी दरोगा मुकदमा खत्म करने के लिए रुपये मांग रहा था। जांच में आरोप सही पाए जाने पर एसएसपी ने दरोगा को निलंबित कर विभागीय जांच बैठा दी थी।
अनुशासनहीनता और लापरवाही में भी कई नपे
फरवरी में कचहरी परिसर से सीबीगंज और कोतवाली के हिस्ट्रीशीटर फरार हो गए थे। एसएसपी ने लापरवाही में तीन पुलिसवालों को निलंबित कर उनके खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करा दी। इसी महीने पुलिस पर हनी ट्रैप गिरोह से मिलीभगत के आरोप लगे थे। बेकरी संचालक ने किला चौकी प्रभारी और सिपाही पर रिपोर्ट दर्ज कराई थी। एसएसपी ने उनको निलंबित कर दिया था। जून में पीलीभीत बाइपास पर भूखंड के विवाद को लेकर हुए गोलीकांड के वीडियो पूरे देश में वायरल हुए। एसएसपी ने इज्जतनगर थाने के इंस्पेक्टर रहे जयशंकर समेत सात पुलिस वालों को निलंबित कर दिया था। इसी महीने एसएसपी ने इज्जतनगर की बैरियर टू चौकी इंचार्ज को चोरी की रिपोर्ट दर्ज न करने पर निलंबित कर दिया था। जुलाई में प्रेमनगर थाने में तैनाती के दौरान एक दरोगा ने जानलेवा हमले के आरोपी को फायदा पहुंचाते हुए उसके ड्राइवर को जेल भेज दिया था। लेनदेन का खुलासा होने पर एसएसपी ने बहेड़ी की चौकी मुडि़या अहमदनगर के इंचार्ज को निलंबित कर दिया था। एसएसपी ने आंवला थाने के प्रभारी को इंटरव्यू के दौरान झूठ बोलने पर निलंबित किया था। अगस्त में सिरौली क्षेत्र में एक घर के अंदर कुछ लोगों ने आग लगा दी थी। एसएसपी ने सिरौली के इंस्पेक्टर, एक दरोगा और सिपाही को लापरवाही बरतने पर निलंबित कर दिया था। सितंबर में एसएसपी ने लगातार गैरहाजिर रहने के कारण भोजीपुरा थाने में तैनात आरक्षी को निलंबित कर दिया था। ड्यूटी के दौरान शराब पीने का भी उस पर आरोप साबित हुआ। अक्तूबर में सिरौली क्षेत्र में पटाखा फैक्टरी में विस्फोट की वजह से पांच लोगों की मौत हो गई थी। एसएसपी ने लापरवाही बरतने पर दो दरोगा और दो सिपाहियों को निलंबित कर इंस्पेक्टर को लाइन हाजिर कर दिया था। दिसंबर में एसएसपी ने फतेहगंज पश्चिमी थाने का निरीक्षण किया तो एसओ राजेश मिश्रा अपनी पिस्टल ही नहीं खोल पाए। थाने का बीट सिस्टम निष्क्रिय मिला था। एसएसपी ने एसओ को निलंबित कर दिया था। एसएसपी ने पुलिस लाइन में फर्जी हाजिरी लगाकर मस्ती करने वाले पांच सिपाहियों को भी निलंबित कर दिया। एसएसपी ने खराब आचरण करने वाले दो सिपाहियों को जबरन रिटायर भी कर दिया है।
देशभर में चर्चित रहा बरेली का गोलीकांड
पीलीभीत बाइपास पर हुआ गोलीकांड देशभर में चर्चित रहा। 22 जून को सुबह एक कीमती भूखंड पर कब्जे को लेकर दो गुट आमने-सामने आ गए थे। इज्जतनगर पुलिस की मौजूदगी में दोनों तरफ से करीब सौ राउंड फायरिंग की गई। बाद में पुलिस ने दोनों गुटों के आरोपियों को जेल भेजा था। पुलिस ने एक गुट के लोगों पर गैंगस्टर की कार्रवाई कर दी। गैंगस्टर के बाद गोलीकांड के आरोपी भूमिगत हो गए, जबकि कई सरेंडर की फिराक में हैं।
सीरियल किलर की दहशत से मिली निजात
शाही-शीशगढ़ क्षेत्र में महिलाओं की लगातार हत्या के कारण पूरे क्षेत्र में दहशत फैल गई थी। हत्याएं एक ही तरीके से हो रही थीं। इसलिए शक था कि हत्या कोई एक ही शख्स कर रहा है। प्रभाकर चौधरी और सुशील घुले जैसे अधिकारी तमाम कोशिश करके थक गए पर खुलासे का श्रेय मौजूदा एसएसपी अनुराग आर्य को मिला। अमर उजाला की खबरों का संज्ञान लेकर एसएसपी ने मुखबिर तंत्र को सक्रिय किया और साइको किलर नवाबगंज निवासी कुलदीप गंगवार को गिरफ्तार कर लिया गया। कुलदीप ने छह महिलाओं की हत्या करने की बात स्वीकार कर ली। बाद में तीन और मामलों में उसकी संलिप्तता पाई गई। सौतेली मां के व्यवहार और पत्नी के छोड़कर जाने से वह महिलाओं से नफरत करने लगा था। इसलिए महिलाओं की हत्या कर सुकून महसूस करता था।
पटाखा फैक्टरी में धमाके से दहला जिला
दीपावली से पहले दो अक्तूबर को सिरौली क्षेत्र के कल्याणपुर गांव में पटाखों की अवैध फैक्टरी में धमाका हो गया था। इससे पांच मकान ध्वस्त हो गए थे। हादसे में पांच लोगों की जान चली गई थी। हादसा इतना भयावह था कि इसके बाद पुलिस-प्रशासन ने पूरे जिले में बारूद का भंडारण करने वालों के खिलाफ अभियान चलाया था। पुलिस ने बारूद रखने वाले लोगों पर भी कार्रवाई की थी।
44 मुठभेड़ में 52 बदमाशों को लगी पुलिस की गोली
पुलिस रिकाॅर्ड के मुताबिक सालभर में पुलिस ने अपराधियों से 44 बार मुठभेड़ की। इसमें पुलिस ने 92 बदमाशों को गिरफ्तार किया, जबकि 52 के पैर में गोली लगी। मुठभेड़ के दौरान 15 इनामी बदमाश भी पुलिस ने पकड़े। हमेशा की तरह आश्चर्यजनक पहलू रहा कि पुलिस की गोली अंधेरे में भी बदमाश के पैर में ही लगी। वहीं बदमाशों की गोली पुलिसकर्मियों के हाथ में मामूली जख्म हुआ।
साइबर ठगों ने बरेली वालों को लगाया 22 करोड़ का चूना
पूरे साल साइबर ठगों ने शहरवासियों को जमकर चूना लगाया। साइबर ठगी की 5,829 शिकायतें पुलिस के पास आईं। 157 मामलों में मुकदमे दर्ज किए गए। शहर के लोगों से करीब 22.76 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी की गई। पुलिस और साइबर थाने की टीम ने 2.92 करोड़ रुपये फ्रीज करा दिए।
नए साल में और तेज व पारदर्शी होगी पुलिसिंग : एसएसपी
अमर उजाला ब्यूरो
इस साल सभी बड़े अपराधों पर पुलिस ने तेजी से कार्रवाई की। हमारा प्रयास रहा है कि संभ्रांत लोगों को किसी तरह की परेशानी न हो और बदमाशों के साथ कोई रियायत न बरती जाए। खराब छवि वाले पुलिसकर्मियों पर भी सख्ती से कार्रवाई की गई है और बेहतर काम करने वालों को पुरस्कृत किया गया है। नए साल में बरेली पुलिस और तेजी से अपराध नियंत्रण करने में जुटेगी। व्यवस्था पारदर्शी बनाने के लिए भी काम किया जाएगा। - अनुराग आर्य, एसएसपी