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टूरिज्म के शौकीन ठहर जाएं... चहुंओर लगे हैं नो रूम के बोर्ड

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बरेली। गर्मियों में कहीं पर्यटन की तैयारी में जुटे हैं तो फिलहाल ठहर जाएं। पयर्टन स्थलों पर भारी भीड़ होने की वजह से कुछ दिन खाने और ठहरने की उपयुक्त सुविधाएं मिल पाना मुश्किल है। एयरलाइन कंपनी के प्रतिनिधि और ट्रैवल एजेंसियों का भी सुझाव है कि फिलहाल यात्रा को टालना बेहतर है। पर्यटन स्थलों पर भारी भीड़भाड़ की वजह से बुजुर्गों और बच्चों के लिए यात्रा ज्यादा तकलीफदेह हो सकती है।
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पर्यटन के पैकेज मुहैया कराने वाली एजेंसियों के मुताबिक कोरोना के चलते करीब दो साल तक पर्यटन ठप रहा। पिछले दिनों तीसरी लहर के बाद सहालग जोरों पर रहा। लिहाजा मार्च में ही लोगों ने बड़ी तादाद में अप्रैल, मई और जून के लिए बुकिंग करानी शुरू कर दी। करीब 40 फीसदी बुकिंग पहले हो चुकी थी। शेष 60 फीसदी बुकिंग अप्रैल में हो गई। लिहाजा तमाम पयर्टन स्थलों पर अब बुकिंग पूरी तरह बंद हो गई है। होटल, मोटल और गेस्टहाउसों में नो रूम के बोर्ड लग गए हैं। पर्यटकों के लिए गाइड भी उपलब्ध नहीं हो पा रहे हैं।
ट्रैवल एजेंसियों के मुताबिक पिछले दो साल प्रभावित रहने के बाद पर्यटन अब बूम पर है। पिछले सालों की बुकिंग की तुलना में इस बार अंतरराष्ट्रीय पर्यटन में करीब 40 फीसदी और घरेलू में करीब 80 फीसदी बढ़त हुई है। दो साल तक तंगी से गुजरने वाले ट्रेवल एजेंसी चलाने वालों को भी इससे काफी राहत मिली है।
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फैमिली ग्रुप के लिए हुई है सर्वाधिक बुकिंग
ट्रैवल एजेंसियों के मुताबिक पहले एक या दो परिवार ही एक साथ पयर्टन के लिए बुकिंग कराते थे, लेकिन इस बार चार से पांच परिवारों ने इकट्ठे होकर बुकिंग कराई है। कई बुकिंग 50 और सौ से ज्यादा लोगों ने भी कराई हैं। एजेंसियों के निर्धारित पैकेज के बजाय लोगों ने मनचाहे पैकेज बनवाए हैं। चार या पांच रात के बजाय कई बुकिंग इस बार दस से बारह दिन के लिए कराई गई हैं। इसी वजह से घरेलू टूरिज्म के पैकेज की कीमत अधिकतम 50 हजार तक पहुंच गई है है। न्यूनतम पैकेज 15 हजार प्रति व्यक्ति का है।
परेशान हो रहे हैं निजी वाहनों से उत्तराखंड में पहुंचने वाले लोग
ट्रेवल एजेंसी के मुताबिक बरेली के आसपास नैनीताल, मुक्तेश्वर, बिनसर, कौसानी, मसूरी में सबसे ज्यादा भीड़ है। यहां पहले से बुकिंग कराने वालों को ही प्रवेश मिल रहा है। अचानक पहुंचने वालों को परेशान होना पड़ रहा है। भीषण गर्मी के बावजूद लोग चूका बीच, दुधवा, जिम कार्बेट जैसी जगह भी घूमने जा रहे हैं। हालांकि यहां एक दिन से ज्यादा नहीं ठहर रहे। लेह और लद्दाख में वायुदाब कम होने से बच्चों और बुजुर्गों को जाने से मना किया जा रहा है। यहां के लिए न्यूनतम छह रात का पैकेज है। दो-दो दिन नूब्रा वैली और पैंगोक लेक के लिए है।
इस बार कश्मीर पर्यटकों की पहली पसंद
पर्यटकों की सबसे पहली पसंद इस बार कश्मीर है। श्रीनगर, गुलमर्ग, पहलगाम, सोनमर्ग में काफी भीड़ है। इसके बाद लोगों ने सर्वाधिक बुकिंग पूर्वोत्तर के गंगटोक और दार्जिलिंग जैसे पर्यटन स्थलों के लिए कराई है। इसके बाद लेह-लद्दाख और फिर हिमाचल के शिमला, मनाली, धर्मशाला, डलहौजी, पंच देवी कांगड़ा, ज्वाला देवी, चामुंडा, नैना देवी चिंतपूर्णी जाने वालों की भीड़ है। काफी पर्यटक दक्षिण भारत के ऊ टी, मैसूर, कुर्क, कोडई कनाल, गोवा घूमने निकले हैं। बेंगलुरू के लिए फ्लाइट शुरू होने से पहली बार दक्षिण भारत के लिए काफी बुकिंग हुईं।
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