केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी
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बरेली से पीलीभीत होते हुए सितारगंज तक फोरलेन बनाने के प्रोजेक्ट को झंडी मिल गई है। सर्किट हाउस में ऑनलाइन शिलान्यास कार्यक्रम में एनएचएआई के इस महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट का उद्घाटन सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने किया। भारत माला के तहत मंजूर सड़क के चौड़ीकरण के लिए सर्वे का काम शुरू हो गया है। एनएचएआई के अधिकारियों का कहना है कि फोरलेन के निर्माण के लिए जल्द ही टेंडर की प्रक्रिया शुरू हो गई।
सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय ने अंतर्राष्ट्रीय सीमा को जोड़ने वाले इस फोरलेन को भारत माला परियोजना में जोड़ा गया है। इस सड़क का अभी टू-लेन निर्माण हुआ है। इसके बाद इसे बाद इसे 18 से 20 मीटर तक चौड़ा कर फोरलेन में तब्दील होना है। बीच में करीब तीन मीटर चौड़े डिवाइडर भी बनाए जाएंगे। एनएचएआई और पीडब्ल्यूडी के अधिकारियों ने बृहस्पतिवार को सर्किट हाउस में शिलान्यास और लोकार्पण कार्यक्रम की तैयारी की थी। यहां ऑनलाइन कार्यक्रम के जरिये लखनऊ से गृहमंत्री और सीएम की मौजूदगी में नितिन गडकरी ने इस महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट का शिलान्यास कर दिया है। करीब 74 किलोमीटर लंबी इस सड़क का लगभग 1600 करोड़ रुपये से निर्माण कार्य होगा। इस हाईवे के चौड़ीकरण के लिए भूमि अधिग्रहण के लिए सर्वे शुरू हो चुका है। इस फोरलेन का काम एनएचएआई का बरेली परियोजना कार्यालय कराएगा।
बरेली से मथुरा तक हाईवे का काम भी शुरू होगा
बरेली से बदायूं, हाथरस होते हुए मथुरा तक भी हाईवे को फोरलेन बनाया जाना है। सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय ने इस हाईवे को मार्च-अप्रैल में ही पीडब्ल्यूडी से एनएचएआई को हस्तांतरित कर दिया था। इस हाईवे के निर्माण का काम एनएचएआई की आगरा परियोजना यूनिट को दिया गया है। नितिन गडकरी के शिलान्यास के बाद इस हाईवे को फोरलेन बनाने का काम जल्द शुरू होना है। एनएचएआई के अधिकारी बदायूं-बरेली जिले में भूमि अधिग्रहण के लिए रिकॉर्ड विशेष भूमि अध्याप्ति अधिकारी को भी उपलब्ध करा दिए हैं।
एनएच की भी तीन सड़कों को मिली मंजूरी
सीएम और गृहमंत्री के ऑनलाइन कार्यक्रम में एनएच की भी तीन सड़कों को मंजूरी मिल गई है। इसमें पीलीभीत से पूरनपुर, पूरनपुर से खुटार और पूरनपुर से पुवायां सड़क को बनाया जाना है।
ऑनलाइन कार्यक्रम के जरिये एनएचएआई की सड़कों का शिलान्यास हो गया है। इन सड़कों के चौड़ीकरण के लिए भूमि अधिग्रहण का काम भी जल्द होना है।
- आकांक्ष, डिप्टी जीएम, एनएचएआई