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एसओजी बनकर सराफ को लूटने वाले नौ बदमाश गिरफ्तार

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मामले की जानकारी देते एसएसपी। - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, बरेली
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एक किलो की नकली सोने की ईंट और 3.40 लाख की नकदी बरामद
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फर्जी आधार कार्ड, दो तमंचे, छह चाकू, तीन बाइक और एक कार भी मिली

बरेली। बारादरी पुलिस ने एसओजी बनकर ऊधमसिंह नगर के सराफ से आठ लाख रुपये लूटने के मामले का खुलासा कर नौ बदमाशों को गिरफ्तार किया है। उनके कब्जे से लूट के 3.40 लाख रुपये और एक किलो नकली सोने की ईंट बरामद हुई है।
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ऊधमसिंह नगर (उत्तराखंड) के कस्बा सिसौना के सराफा कारोबारी अर्जुन शाह से 15 दिन पहले एक मित्र के जरिये मिले सतपाल नाम के शख्स ने सस्ता सोना दिलाने की बात कहकर अपने जाल में फंसाया था। आठ दिन पहले सतपाल ने अर्जुन को 87 हजार रुपये में 21 ग्राम और फिर ढाई लाख रुपये में 50 ग्राम सोना बाजार से कम कीमत में दिलवाकर अपना भरोसा कायम किया। इसके बाद एक किलो सोना दिलाने के बहाने सतपाल ने अर्जुन को 31 मार्च को आठ लाख रुपये लेकर बरेली में रुहेलखंड मेडिकल कॉलेज के पास बुलाया। अर्जुन बरेली पहुंचे तो सतपाल से बातचीत के बीच ही उसके साथियों ने खुद को एसओजी का सदस्य बताते हुए घेर लिया और अर्जुन से आठ लाख रुपये और मोबाइल लेकर भाग गए। इस मामले में शुक्रवार को अर्जुन ने थाना बारादरी में रिपोर्ट दर्ज कराई थी।

होटल मालिक है फरार अवतार सिंह

शनिवार को एसएसपी रोहित सिंह सजवाण ने घटना का खुलासा करते हुए बताया कि सतपाल का असली नाम साबिर अली है और वह इज्जतनगर में बिहारकलां का रहने वाला है। उसने सितारगंज निवासी अवतार सिंह के साथ इस घटना को योजना बनाकर अंजाम दिया। अवतार अभी फरार है। अवतार का सितारगंज में ही होटल और फार्महाउस है। साबिर अली उर्फ सतपाल समेत इस गैंग के नौ सदस्य गिरफ्तार किए गए हैं, इनमें बारादरी की गोसाईं गौंटिया का उपेंद्र तिवारी, ऊधमसिंह नगर में वार्ड नंबर चार सितारगंज का बाबू, तुर्कास सिसोर का प्रवेंद्र, बारादरी में सुपर सिटी का अर्पण उर्फ अभि, फरीदपुर का हृदयेश कुमार उर्फ बब्बू, फरीदपुर के गांव रंपुरा रतन का सूर्य प्रताप सिंह, रजनीश कुमार उर्फ बंटू और चौखटिसा, जलालाबाद का अजय सिंह शामिल हैं। मुख्य आरोपी साबिर अली प्रॉपर्टी डीलर है। बाबू दर्जी है। बारादरी इंस्पेक्टर शितांशु शर्मा ने बताया कि आरोपियों के कब्जे से लूट के 3.40 लाख रुपये, मोबाइल, नकली सोने की एक किलो की ईंट, दो तमंचा, चार कारतूस, छह चाकू, चार फर्जी आधार कार्ड, तीन बाइक, एक कार बरामद हुई है।

हृदयेश ने खुद को बताया था दिल्ली एसओजी का ऑफिसर

खुलासे के दौरान अर्जुन कुमार शाह ने बताया कि जब वह सोना खरीदने पहुंचे और सतपाल उर्फ साबिर को आठ लाख रुपये दे रहे थे तभी तीन बाइकों पर आरोपी आ धमके। हृदयेश कुमार उर्फ बब्बू ने खुद को दिल्ली का एसओजी ऑफिसर बताया। इन सभी ने अर्जुन और सतपाल को कार में बैठा लिया। फिर रुपये और नकली सोना समेत सभी सामान लेकर भाग निकले। कार सतपाल की ही थी। अर्जुन ने बताया कि पहले तो उन्हें लगा कि वह और सतपाल दोनों ही फंस गए हैं, लेकिन पुलिस ने जांच की तो पूरा मामला खुल गया। खुलासा करने वाली टीम में एसआई सुभाष मावी, श्रीनिवास, इंद्रपाल सिंह, अनिल कुमार आदि शामिल रहे।

आरोपी बोले- हम तो मदद के लिए आए थे

एसओजी सिपाही बनकर पहुंचे सूर्य प्रताप और रजनीश ने बताया कि उन्हें अर्पण ने यह कहकर बुलाया था कि एक परिचित कुछ लोगों के बीच फंस गया है, उसे निकालकर लाना है। वे लोग तो सतपाल को वहां से ले जाने के लिए पहुंचे थे। लूट से उनका कोई वास्ता नहीं है। हृदयेश उर्फ बब्बू ने पूरे मामले से खुद को अनजान बताते हुए पुलिस पर फंसाने का आरोप लगाया। प्रवेंद्र ने कहा कि उसका एक हाथ लकवाग्रस्त है। इलाज के लिए अवतार सिंह ने 50 हजार रुपये देने का झांसा देकर उसे इस मामले में फंसा दिया।
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