बरेली। मझगवां ब्लॉक की अनिरुद्धपुर गोशाला में पांच पशुओं की भूख से मौत का मामला अभी ठंडा नहीं हुआ है। इस मामले में मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी (सीवीओ) डॉ. मनमोहन पांडेय के स्थानांतरण और पशु चिकित्सा अधिकारी (वीओ) डॉ. संजय वर्मा के निलंबन के लिए शासन को लिखा गया था, पर अभी तक कार्रवाई शून्य है। अब गोशाला में हुई लापरवाही की दोबारा जांच होगी। एडीएम प्रशासन की अध्यक्षता में तीन सदस्यीय टीम बनाई गई है।
14 जनवरी को अनिरुद्धपुर की गोशाला में पांच पशुओं की मौत हुई थी। इनमें तीन पशुओं की भूख से और दो की मौत कमजोरी एवं आयु की अधिकता से होने की पुष्टि शवों के पोस्टमाॅर्टम में हुई थी। मामला शासन तक गूंजा तो उसी दिन ग्राम विकास अधिकारी (सचिव) शिप्रा सिंह ने प्रधान रचना देवी, उनके पति दिनेश कुमार और केयर टेकरों सहित नौ लोगों के विरुद्ध अलीगंज थाने में एफआईआर दर्ज कराई थी।
बाद में जिला विकास अधिकारी (डीडीओ) दिनेश यादव ने सचिव शिप्रा सिंह को निलंबित कर दिया था। अन्य जिम्मेदारों को कारण बताओ नोटिस दिए गए थे। इसके बाद कार्रवाई थमी हुई है। मुख्य विकास अधिकारी (सीडीओ) देवयानी ने एक बार फिर सीवीओ के जिले से स्थानांतरण और वीओ डॉ. संजय वर्मा के निलंबन के लिए पत्राचार किया था, पर इसमें अभी तक कोई प्रगति नहीं हुई है।
सीडीओ ने बताया कि अब प्रकरण की दोबारा जांच के लिए तीन सदस्यीय टीम बनाई है। इसमें एडीएम प्रशासन पूर्णिमा सिंह अध्यक्ष हैं, जबकि अपर निदेशक ग्रेड-2 पशुपालन विभाग और एसडीएम बहेड़ी को सदस्य नामित किया गया है। टीम एक सप्ताह में रिपोर्ट देगी। इसके बाद जरूरी कार्रवाई की जाएगी।
सीडीओ ने बताया कि पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ. संजय वर्मा की जिम्मेदारी में दो वृहद और दो अस्थायी गोशालाएं हैं। वह संबंधित गोशालाओं में पशुओं के स्वास्थ्य परीक्षण में लापरवाही बरत रहे हैं। उन्होंने फिर दोहराया कि गोशालाओं के निरीक्षण में यदि कमियां मिल रही हैं या सुधार नहीं हो रहा है तो निरीक्षणकर्ता को उच्चाधिकारियों को सूचित करना चाहिए।