इस बार गणेश चतुर्थी पर बड़ी मूर्तियों की भी मांग नहीं
बरेली। कोरोना महामारी के चलते सरकार ने गणेश चतुर्थी पर शोभायात्रा निकालने पर प्रतिबंध लगा दिया है। लिहाजा गणेश जी की बड़ी मूर्तियों की मांग खत्म हो गई है। अब मूर्तिकार गणेश जी की छोटी मूर्तियां बना रहे हैं, लेकिन इनकी भी अभी ज्यादा मांग नहीं है।
गणेश चतुर्थी 22 अगस्त को है। गणेश चतुर्थी पर शहर में बड़े आयोजन होते रहे हैं। चौकी चौराहा, कालीबाड़ी, आलमगीरीगंज से शोभा यात्राएं निकलती रही हैं। कई स्थानों पर भव्य पंडाल सजाए जाते रहे हैं। इसके अलावा लोग घरों में गणेश जी की पूजा अर्चना करके प्रतिमाएं रामगंगा में विसर्जित करते थे। इस बार कोरोना महामारी के चलते शोभायात्राओं पर प्रतिबंध है। पंडाल सजाने की भी मनाही है। लिहाजा लोग बड़ी मूर्ति नहीं खरीद रहे हैं। घरों में छोटी मूर्ति स्थापित कर पूजा करेंगे। लंबे समय से गणेश जी की मूर्तियां बनाने वाले मनीष पाल और शिव पाल बताते हैं जनवरी से ही मूर्तियां बनाने की तैयारी करने लगते हैं। इस बार कोरोना संक्रमण की भयावहता को देखते हुए अप्रैल से मूर्तियों बनाना शुरू कीं, लेकिन इस बार मांग कम होने से कम ही मूर्तियां बनाईं हैं। वह बताते हैं कि उनके यहां मूर्ति बनाने का काम कई पुश्तों से होता आ रहा है। उनके दादा परेश पाल भी मूर्तियां बनाते थे। पिता मिंटू पाल के बाद अब वह मूर्तियां बना रहे हैं। पंडाल न सजने से बड़ी मूर्तियों की मांग नहीं है।
घरों पर ही करेंगे प्रतिमा की स्थापना
गणेश महोत्सव आयोजन कमेटी के अध्यक्ष अजय भटनागर कहते हैं कि इस बार घरों में ही गणेश प्रतिमा स्तापित करके पूजा करेंगे। थोड़ी देर के लिए गणेश जी की प्रतिमा शील चौराहे पर स्थापित करके पूजन किया जाएगा। इसके बाद सादगी से तीन-चार लोग रामगंगा में प्रतिमा विसर्जित करेंगे।