छठ पूजा के लिए घर जाने वालों की भीड़ का दबाव ट्रेनों पर सोमवार को भी कम नहीं हुआ। बरेली जंक्शन पर सोमवार को पूरब जाने वाली ट्रेनें न सिर्फ पूरी तरह ठसाठस हालत में पहुंची, बल्कि यहां से सवार होने वाले यात्रियों को इन ट्रेनों ने लंबा इंतजार भी कराया। लोगों ने मजबूरी में अपनी सुरक्षा दांव पर लगाकर ट्रेन के पायदान और दरवाजों पर लटककर भी सफर किया। उत्तर रेलवे और पूर्वोत्तर रेलवे के अधिकारियों के मुताबिक दो दर्जन से ज्यादा स्पेशल ट्रेन चलाई जा रही हैं लेकिन इनसे यात्रियों को कोई राहत मिलती नहीं दिखाई दी।
संभाले नहीं संभल रही भीड़
ट्रेनों की लेटलतीफी ने गोरखपुर, बिहार, झारखंड, पश्चिम बंगाल की तरफ जाने वाले यात्रियों का सफर मुश्किल बना दिया है। त्योहार पर बढ़ी भीड़ को संभालने के लिए रेलवे का स्क्वाड भी नाकाम साबित हो रहा है। वेटिंग टिकट पर आरक्षित काउंटरों में सफर करने वाले यात्रियों पर कार्रवाई नहीं हो रही है। आरपीएफ स्क्वाड को अधिक सतर्क रहने के निर्देश जारी हो चुके हैं।
लेटलतीफी की तो कोई सीमा ही नहीं
24 घंटे लेट
शहीद एक्सप्रेस
गोरखपुर जाने वाली शहीद एक्सप्रेस ने सोमवार को काफी मायूस किया। बरेली जंक्शन के रेलवे काउंटर से इस ट्रेन का इंतजार कर रहे यात्रियों के लिए घोषणा की गई कि यह ट्रेन 24 घंटे देरी से चल रही है लिहाजा सोमवार को नहीं बल्कि मंगलवार को पहुंचेगी।
21 घंटे लेट
सरयु-यमुना एक्सप्रेस
सरयू यमुना एक्सप्रेस भी 21 घंटे देरी से बरेली पहुंची। इस ट्रेन को रविवार को बरेली जंक्शन पर आना था लेकिन यात्रियों का इंतजार मंगलवार को पूरा हुआ।
14 घंटे लेट
हिमगिरि सुपरफास्ट
पटना की तरफ जाने वाली यात्रियों को हावड़ा से चलने वाली 12332 हिमगिरि सुपरफास्ट ने भी छकाया। सोमवार सुबह 11.35 बजे पहुंचने वाली गाड़ी चौदह घंटे देरी से रात डेढ़ बजे जंक्शन पहुंची।
09 घंटे लेट
जननायक एक्सप्रेस
दरभंगा से सीतापुर के बीच जननायक एक्सप्रेस भी नौ घंटे देरी से जंक्शन पहुंची। अवध आसाम एक्सप्रेस भी बरेली जंक्शन पर करीब नौ घंटे की देरी से पहुंची।