बहेड़ी। तहसील क्षेत्र के तकरीबन 250 गांवों को जोड़ते हुए उत्तराखंड के देहरादून-टनकपुर हाईवे को जोड़ने वाली नदेली सड़क खस्ताहाल हो गई है। इसकी हालत इतनी खराब है कि इस मार्ग के गड्ढों में फंसकर बाइक सवार और ई-रिक्शा पलट जा रहे हैं। लोग गिरकर चोटिल हो रहे हैं। इसको बनवाने की मांग के बावजूद पीडब्ल्यूडी की बेपरवाही जारी है।
समाजसेविका व केशवपुरम निवासी कामाक्षी शर्मा, शिक्षक व आदर्श कॉलोनी निवासी मोहन स्वरूप गंगवार ने बताया कि तहसील के आदर्श कॉलोनी, केशव पुरम, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, जाजूनागर, सिंह गौटिया सहित कई अन्य मोहल्लों का यह मुख्य मार्ग है। इसके साथ यह मार्ग 250 सौ गांवों को जाता है। अगर गौर करें तो रोजाना दस हजार से ज्यादा लोग इस मार्ग पर आवागमन करते हैं। करीब एक साल से यह मार्ग क्षतिग्रस्त होने लगा, लेकिन लोक निर्माण विभाग ने तमाम शिकायतों के बावजूद इस मार्ग की मरम्मत करना तक मुनासिब नहीं समझा। मार्ग में जगह-जगह जानलेवा गहरे गड्ढे हो गए हैं। नई गन्ना समिति के सामने बृहस्पतिवार को सुबह से लेकर शाम तक करीब चार ई-रिक्शा पलट गए। इनमें सवार विक्की, रमा देवी, गुलशन सहित दर्जनों लोग चोटिल हो गए।
बता दें कि नदेली मार्ग सकरस, गरीबपुरा, राईनवादा, भुड़िया कॉलोनी, बरा गांव से होते हुए देहरादून टनकपुर हाईवे में जाकर जुड़ता है। उत्तराखंड से आने वाले वहां शॉर्टकट के चक्कर में इस मार्ग से होते हुए सीधे बरेली के लिए जाने वाले हाईवे से बहेड़ी होते हुए निकल जाते हैं। इसमें उनका करीब 20 किलोमीटर की दूरी का फर्क पड़ता है। इस कारण इस मार्ग पर आवागमन बहुत ज्यादा रहता है। कस्बे के लोगों ने इस मार्ग को बनाने की मांग काफी लंबे समय से लगातार की, लेकिन विभाग का इस मार्ग को बनाना तो दूर इसकी मरम्मत तक नहीं कराई। संवाद
लखनऊ के अधिकारियों तक को भेजा पत्र
पू्र्व बसपा प्रत्याशी नसीम अहमद कहते हैं कि 20 बार वह खुद इस मार्ग के निर्माण को लेकर जिले से लेकर लखनऊ तक के अधिकारियों को पत्र भेज चुके हैं। मौजूदा सरकार में लोक निर्माण विभाग के जिम्मेदार मौन है।
इस मार्ग के निर्माण के लिए प्रस्ताव बनाकर भेजा गया था, जो शासन में स्वीकृत हो चुका है। बरसात के बाद इस मार्ग का संभवत निर्माण शुरू हो जाएगा।
- शमशाद अहमद, जेई, पीडब्ल्यूडी विभाग बरेली
बहेड़ी। खस्ता हाल नदेली मार्ग