बरेली। सीएमओ कार्यालय के नाम पर चल रहे फर्जी मुहर और हस्ताक्षर के खेल में हर दिन नए प्रकरण सामने आ रहे हैं। मंगलवार को शाहजहांपुर की एक युवती ने रेस्टोरेंट संचालक और डीएम के अर्दली से लाखों की ठगी करने के आरोपी अनुराग मिश्रा पर नौकरी के नाम पर दो लाख की ठगी का आरोप लगाया है। युवती का आरोप है कि फार्मेसिस्ट पद पर चयन कराने के नाम पर उससे दो लाख रुपये लिए गए। उसका इंटरव्यू भी डीएम कार्यालय में हुआ लेकिन नियुक्ति पत्र उसे व्हाट्सएप पर भेजा गया वह भी फार्मेसिस्ट के बजाए स्टेनो का।
तीन सौ बेड अस्पताल में ड्यूटी के लिए लिए बीते दिनों 123 विभिन्न पदों पर संविदा नियुक्ति के लिए साक्षात्कार हुआ था। शाहजहांपुर के जलालाबाद निवासी निधि शर्मा के मुताबिक वह भी साक्षात्कार में पहुंची थीं। जहां कैंट के भउआपुर निवासी अनुराग मिश्रा भी मौजूद था। आरोप है कि अनुराग ने सिर्फ उन्हीं की नौकरी पक्की बताई जिन्होंने उसे रुपये दिए हैं। प्रत्येक पद के लिए अलग-अलग रेट बताए। शिकायती पत्र के मुताबिक इंटरव्यू के बाद उसके परिजनों ने दो लाख रुपये अनुराग मिश्रा को दे दिए थे। युवती का कहना है कि उसका इंटरव्यू डीएम कार्यालय में हुआ था। कुछ दिन बाद अनुराग ने स्वास्थ्य विभाग का स्टेनो पद का एक नियुक्ति पत्र भी व्हाट्सएप से भेज दिया। नियुक्ति पत्र मिलने के बाद युवती ज्वाइन करने सीएमओ कार्यालय पहुंची तो पता चला कि उसे दिया गया नियुक्ति पत्र फर्जी है। निधि ने लिखित में इसकी शिकायत डीएम से की है।
डीएम का ड्राइवर बताकर की ठगी
भउआपुर निवासी शातिर ठग अनुराग मिश्रा ने रेस्टोरेंट संचालक को डीएम और सीएमओ से पारिवारिक संबंध बताकर ठगा। डीएम के अर्दली से सीएमओ से अच्छी सांठगांठ और खुद को एक उच्चाधिकारी का रिश्तेदार बताकर ठगी की। वहीं, शाहजहांपुर की रहने वाली युवती से डीएम का ड्राइवर बताकर दो लाख रुपए ठगने का आरोप है। युवती के मुुताबिक डीएम का ड्राइवर होने की वजह से सीएमओ समेत स्वास्थ्य विभाग के प्रत्येक पटल पर अच्छी पकड़ बताकर आरोपी ने उसके परिजन को झांसे में ले लिया था। युवती ने मामले की जांच के साथ सख्त कार्रवाई की मांग की है।