स्कूलों में बच्चों को पढ़ाया जा रहा गलत पाठ
पुष्पेंद्र ने कहा कि मुंबई, बंगाल और दिल्ली के कुछ शिक्षण संस्थानों में जो पुस्तक पढ़ाई जा रही है। उनमें दिए गए संदर्भ गलत हैं। मगर सालों से इनका कोई विरोध नहीं हो रहा। हिंदू सो रहा है, उसे जागना होगा। मुंबई में ऐसे ही एक पुस्तक के बारे में जानकारी मिली तो उन्होंने पुरजोर विरोध किया। फिर वहां की सरकार को वह पाठ हटाना पड़ा। पर बंगाल में अभी वहीं पाठ पढ़ा रहे हैं। जिसका पुरजोर विरोध होना चाहिए। सनातन धर्म का विकास तभी होगा जब सामूहिक मांग उठेगी। अगर 95 करोड़ की जनसंख्या एक साथ मांग करेगी तभी सरकारें झुकेंगी।
ताजमहल नहीं रामसेतु घूमने जाएं हिंदू नवविवाहित युगल
पुष्पेंद्र ने कहा कि हिंदू नवविवाहित जोड़े अब ताजमहल घूमने जाते हैं। जहां क्लिंटन ने फोटो खिंचाई थी, वहीं फोटो खिंचवाते हैं। ताजमहल किसने बनवाया और क्या किया यह सभी को पता है। ऐसी जगह जाना ही नहीं चाहिए। अगर घूमने ही जाना है तो रामसेतु जाना चाहिए। प्रभु राम और सीता के प्रेम का प्रतीक है। हिंदू जड़ से परे हटकर पत्तों को पानी दे रहे हैं। जड़ को अगर पानी दें तभी हिंदू धर्म सुरक्षित हो सकेगा। वर्तमान में युवा डिग्री, पद, प्रतिष्ठा, कपड़े जिनके अच्छे हों, उन्हें ज्ञानवान समझते हैं। जबकि शिक्षा और ज्ञान का कोई तालमेल नहीं है।