इसके बाद मुरादाबाद डीआरएम को पत्र लिखकर काम कराने की अनुमति मांगी गई। काफी दिनों तक जवाब नहीं आया तो पीडब्ल्यूडी के एक अधिकारी मुरादाबाद जाकर डीआरएम राजकुमार सिंह से मिले। तब डीआरएम ने कहा कि वह अनुमति नहीं दे सकते। इसके लिए दिल्ली मुख्यालय से ही अनुमति मिलेगी। अधिकारियों का मानना है दिल्ली से अनुमति मिलना इतना आसान नहीं। चुनाव के बाद अब इसमें शासन स्तर से पैरवी करानी पड़ेगी। तब तक काम अटका रहेगा।
सुभाषनगर पुलिया पर डाल दिए पत्थर
कार्यदायी संस्था ने सुभाषनगर पुलिया की सड़क पर मार्च में पत्थर डाल दिए थे। तभी उसका काम रुक गया। इसके बाद से अब तक वहां पत्थरों का ढेर लगा है। इससे आधी सड़क भी घिरी हुई है। आवागमन में भी लोगों को परेशानी हो रही है। कार्यदायी संस्था को भी समझ नहीं आ रहा कि अनुमति कब मिलेगी?
पीडब्ल्यूडी के अधिशासी अभियंता नारायण सिंह ने बताया कि काम शुरू करने से पहले बताया गया था कि सड़क नगर निगम की है। बाद में पता चला कि सड़क रेलवे की है। डीआरएम मुरादाबाद को पत्र लिखकर अनुमति मांगी गई थी। पिछले दिनों एक इंजीनियर को डीआरएम के पास भेजा गया था। तब उन्होंने कह दिया कि अनुमति यहां से नहीं, दिल्ली से मिलेगी।