पत्नी का आरोप- जेल से भगाने में एक अधिकारी का हाथ
बिजनौर/बरेली। सोमवार सेंट्रल जेल से भागने के बाद पकड़े गए कैदी नरपाल का शव बिजनौर की अस्थायी जेल के बाथरूम में फंदे से लटका मिला। जेल अधिकारी इसे आत्महत्या बता रहे हैं, वहीं नरपाल की पत्नी ने जेल प्रशासन और पुलिस पर हत्या करने का आरोप लगाया है। उनका दावा है कि नरपाल को बरेली सेंट्रल जेल से फरार कराने में भी जेल के एक अधिकारी का ही हाथ था। पोस्टमार्टम में नरपाल की मौत दम घुटने से होने की बात सामने आई है।
बिजनौर के किरतपुर थाने के गांव रायपुर मौजमपुर निवासी 44 वर्षीय नरपाल उर्फ सोनू सोमवार सुबह बरेली सेट्रल जेल की 20 फुट ऊंची दीवार को सरिया की अंकड़ी के सहारे फांदकर फरार हो गया था। मंगलवार को किरतपुर पुलिस ने उसे उसके गांव के पास से पकड़ लिया। बुधवार शाम करीब चार बजे नरपाल को पुलिस ने इंदिरा बाल भवन स्थित अस्थाई जेल में दाखिल कराया। उसे 15 बंदियों के साथ जेल की बैरक नंबर एक में रखा गया था। जेल में इस समय 56 बंदी हैं।
बृहस्पतिवार सुबह करीब पांच बजे एक बंदी बाथरूम गया तो उसने रोशनदान से नरपाल का शव पाजामा के फंदे से लटका देखा। बाथरूम का दरवाजा खुला था। कैदी का शव लटके होने की खबर मिलने पर जेल प्रशासन के हाथ-पांव फूल गए। शव को पोस्टमार्टम के लिए भिजवाया गया। नरपाल को दुष्कर्म और हत्या के मामले में छह दिसंबर, 2010 को आजीवान कारावास की सजा सुनाई गई थी। 28 अप्रैल, 2012 से वह बरेली की सेंट्रल जेल में बंद था। बिजनौर के एसपी डॉ. धर्मवीर सिंह के मुताबिक नरपाल ने जेल में फांसी लगाकर खुदकशी की है।
पत्नी ने जेल प्रशासन, पुलिस पर लगाया हत्या का आरोप
नरपाल की पत्नी सुमन ने आरोप लगाया कि उसके पति की जेल प्रशासन और पुलिस ने मिलकर हत्या की है। गिरफ्तारी के दौरान उसे पति से नहीं मिलने दिया गया। जेल से भगाने में बरेली सेंट्रल जेल के ही एक अधिकारी का हाथ रहा है। पहले नरपाल को जेल से भगाया, अब उसकी हत्या कर दी।
परिजन के मुंह मोड़ने से टूट गया था नरपाल
जेल अधिकारियों के मुताबिक, कैदी नरपाल से परिजनों ने भी मुंह मोड़ लिया था। बरेली जेल में भी उससे कोई मिलने नहीं जाता था। इस बात से नरपाल बुरी तरह टूट गया था। जेल से फरार होने से एक दिन पहले नरपाल ने जेल के पीसीओ से भाई से बात की थी। भाई ने कहा था कि जब छुट्टी मिलेगी तब वह मिलने आएगा। भाई से नरपाल ने वकील करने की भी बात कही थी और पैसे मांगे थे।
मौत के साथ ही कई राज हो गए दफन
नरपाल सेंट्रल जेल से भागने के बाद सीधे अपने घर जा रहा था। ऐसे में तमंचा और कारतूस उसके पास कहां से आ गए। पत्नी का आरोप है कि जेल के एक अधिकारी का हाथ उसे भगाने में था। मौत के बाद अब इस आरोप का भी खुलासा नहीं हो पाएगा। यह भी पता नहीं चल पाएगा कि तमंचा कारतूस कहां से आए।
बी वारंट से बरेली लाने की थी तैयारी
सेंट्रल जेल से भागने के बाद नरपाल को बिजनौर पुलिस ने पकड़ा था। चूंकि जेल से भागने के मामले की रिपोर्ट इज्जतनगर थाने में दर्ज की गई थी, इसलिए उसे यहां जेल लाने के लिए इज्जतनगर इंस्पेक्टर बी वारंट लेने के प्रयास में थे। एक-दो दिन में उसे यहां ले आया जाता, लेकिन इससे पहले ही उसकी मौत हो गई।