बीएलो की ड्यूटी करके घर जा रहे हैं सहायक अध्यापक सड़क हादसे में घायल।
फरीदपुर। संतोष पालीफैब बोरा फैक्टरी में मजदूर की मौत के बाद फरीदपुर पुलिस ने जांच शुरू की है। जांच में प्रथम दृष्टया फैक्टरी के मालिकों के नाम सामने आए हैं। वहीं, पीड़ित द्वारा दर्ज कराए गए मामले में फैक्टरी के मालिकों के नाम गलत थे।
पुलिस ने फैक्टरी के मालिक मनोज कुमार अग्रवाल, भारत अग्रवाल व रजत अग्रवाल के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की है। पुलिस वादी के बयान दर्ज करने के बाद आरोपियों पर कार्रवाई करेगी।
पुलिस के अनुसार, शाहजहांपुर के निगोही थाना क्षेत्र के गांव चिनौरा निवासी गुरुपाल ने फरीदपुर थाने में फैक्टरी मालिक सहित चार लोगों के खिलाफ मामला दर्ज कराते हुए बताया कि उसके चाचा शिवनंदन इस फैक्टरी में ठेकेदार थे। उनके 35 लाख रुपये फैक्टरी पर शेष थे। उन्हें हटाने के बाद दोबारा फैक्टरी में रखा गया था। पीड़ित ने बताया कि बृहस्पतिवार को चाचा फैक्टरी परिसर में बेसुध मिले, जिन्होंने फैक्टरी मालिक समेत पांच लोगों पर जहर खिलाने का आरोप लगाया गया था। उसके बाद उनकी अस्पताल में मौत हो गई थी।
शनिवार को फॉरेसिक टीम ने फैक्टरी में जाकर जांच-पड़ताल की। इस दौरान टीम ने घटनास्थल से ब्लूटूथ की डिब्बी से एक मोबाइल नंबर, लिखी हुई पर्ची, जहरीला पाउडर और मोबाइल की एक नई सिम बरामद की थी। इंस्पेक्टर राधेश्याम ने बताया कि आरोपियों के नाम गलत थे।जांच के बाद फैक्टरी के मालिकों के सही नाम दर्ज करा दिए हैं। संवाद