हाफिजगंज। जेल में बंद पशु तस्करों को मुखबिर का नाम बताने के मामले में एसएसपी ने थाने के एक दरोगा व एक कांस्टेबल को निलंबित कर दिया। वहीं, भाजपा नेता से अभद्रता के आरोप में सेंथल चौकी पर तैनात दरोगा को लाइनहाजिर किया गया है।
सूत्रों के मुताबिक हाफिजगंज पुलिस ने प्रतिबंधित पशु की हत्या के मामले में राजू नाम के तस्कर को जेल भेजा था। पुलिस को उसके भाई मुस्तकीम की तलाश थी। बताते हैं कि थाना पुलिस उसे पकड़ना नहीं चाहती थी, पर एसओजी उसकी गिरफ्तारी में जुटी थी। एसओजी को इसी इलाके का एक मुखबिर मुस्तकीम के बारे में सूचना दे रहा था। एसएसपी के गोपनीय हेल्पलाइन पर कॉल करके भी वह सूचना दे रहा था। दबिश से तंग मुस्तकीम ने कोर्ट में आत्मसमर्पण कर दिया।
बताते हैं कि उसके जेल जाने के बाद रिठौरा चौकी पर तैनात दरोगा आदित्य सिंह व आरक्षी सचिन धामा ने उस तक जानकारी पहुंचा दी कि किस मुखबिर ने उसके बारे में सूचना दी है। मुखबिर के पास धमकियां आने लगीं तो वह घबरा गया। उसने एसओजी के जरिये ये जानकारी अधिकारियों तक पहुंचाई कि उसकी जान को खतरा है। एसएसपी अनुराग आर्य ने जांच कराई तो आरोप सही पाए गए। दोनों को उन्होंने विभाग की गोपनीयता भंग करने व दायित्व के विपरीत कार्य करने पर निलंबित कर दिया है।
भाजपा नेता से मारपीट में सेंथल चौकी के दरोगा लाइनहाजिर
सेंथल। सेंथल मेले में दो पक्षों में समझौता कराने गए भाजपा मंडल अध्यक्ष विनय चौधरी को एसआई ने डंडों से पीट दिया था। परिचय देने पर भी वह नहीं रुका और सेंथल चौकी ले गए। इससे आहत भाजपा नेता ने एसआई के खिलाफ कार्रवाई न होने पर पार्टी से इस्तीफा देने और आत्मदाह की धमकी दी थी। भाजपा नेता की शिकायत पर एसएसपी ने मामले की जांच कराई थी। बृहस्पतिवार को उन्होंने एसआई अरविंद बाबू को लाइनहाजिर कर दिया। संवाद