तहबाजारी खत्म हुए कई साल बीत चुके हैं मगर तत्कालीन अफसरों की मेहरबानी से इसका ठेका लेने वाले ठेकेदारों ने नगर निगम के 49 लाख से ज्यादा का राजस्व दबा रखा है। ऑडिट में आपत्ति लगने के बाद शासन अब पुराने बकाया को लेकर सख्त हो गया है। नगर निगम से तहबाजारी ठेकेदारों की सूची तैयार कर इनके खिलाफ आरसी जारी करने के निर्देश दिए गए हैं।
वर्ष 2003 से 07 तक शहर में 26 स्थानों पर तहबाजारी के ठेके होते थे। मार्केट से तहबाजारी वसूली का काम तत्कालीन उप नगर आयुक्त विनोद कुमार गुप्ता की देखरेख में होता था। डेढ़ साल पहले उप नगर आयुक्त का कानपुर नगर निगम तबादला हो गया। ठेकेदारों ने कर्मचारियों से मिलकर निगम का 49 लाख से ज्यादा का बकाया नहीं चुकाया। ऑडिट में बकाया न अदा होने पर आपत्ति जताई गई। शासन ने ठेकेदारों से बकाया राजस्व वसूली सख्ती के साथ करने के निर्देश दिए हैं।
यहां बाजारों में ठेकेदार अब भी करते हैं वसूली
सरकार ने तहबाजारी बंद कर रखी है। नगर निगम से अब इनके ठेके भी नहीं होते। इसके बावजूद अफसरों और कर्मचारियों की मिलीभगत से ठेकेदार सैलानी से मीरा की पैठ, मोती पार्क स्टैंड, हार्टमैन कॉलेज, आजाद इंटर कॉलेज, कुतुबखाना सब्जी मंडी, गुलाबराय इंटर कॉलेज, शहामतगंज सब्जी मंडी, सीबीगंज में छोटी बाजार, कांकरटोला, जोगीनवादा, आईवीआरआई, एलन क्लब सब्जी मंडी, सिटी सब्जी मंडी, किला क्रॉसिंग बाकरगंज, स्टैंड गांधी उद्यान, नावल्टी से कुतुबखाना, हनुमान मंदिर से चौकी चौराहा, शहदाना से ईंट पजाया, चौपुला चौराहा, डीडीपुरम आदि जगहों से वसूली करते हैं।
इन ठेकेदारों पर है बकाया
हरीश गुप्ता और कमल गुप्ता-सीबीगंज, पप्पू-सराय तल्फी, मो. खालिद-बाग अहमद अली, मो. शफीक-घेर जाफर खां, नसीम खां-चकमहमूद, नूर मोहम्मद-कांकरटोला, राजीव अनेजा, जनकपुरी, अशोक कुमार-शास्त्रीनगर, नवीन कुमार और प्रवीण कुमार-जाटवपुरा, अनिल पांडेय-फरीदपुर, अजय सिंह-बिहारीपुर चिड़ीमरान, शाजिक अली-सुर्खा, आरिफ-सूफी टोला आदि।
वर्जन
किन-किन ठेकेदारों पर बकाया है। किन ठेकेदारों ने बकाया चुकता कर दिया है। इसकी सूची बनाई जा रही है। जिन पर बकाया निकलेगा, उनसे वसूली की जाएगी। - ईश शक्ति कुमार सिंह, प्रभारी नगर आयुक्त।