रमजान शुरु होने से पहले कुतुबखाना मस्जिद का ताला खुलवाने को लेकर एडीएम (सिटी) के यहां बरेलवी और देवबंदियों दोनों मसकलों के प्रतिनिधियों की बैठक बिना किसी समझौते के खत्म हो गई। बैठक के दौरान दोनों में से कोई भी पक्ष झुकने को तैयार नहीं थे। उनकी जो मांगे पहले थीं, उन्हीं पर वह आज भी डटे रहे। उन्होंने अपने-अपने पक्ष में वही पुराने तर्क दिए। ऐसे में प्रशासन का पहले की तरह का सख्त निर्णय रहा और सुरक्षा की दृष्टि से मस्जिद पर पीएसी का कड़ा पहरा लगा दिया है।
जिला प्रशासन ने देर रात एक बार फिर से समझौते की कोशिश की थी। इसके पीछे प्रशासन का मकसद था कि रमजान के दौरान सर्व सम्मति बनाकर मस्जिद का ताला खुलवा दिया जाए और उसमें नमाज तथा तरावीह हो। काफी देर तक यह कोशिश की गई कि समझौता हो जाए। लेकिन बैठक का यह दौर भी बिना नतीजे के खत्म हो गया।
इससे पहले देर शाम डीएम गौरव दयाल से बरेलवी मसलक के मुफ्ती सलीम, हाजी जावेद तथा अन्य लोग मिले थे। इन्होंने भी कुतुबखाना मस्जिद का फैसला बरेलवी मसकल के पक्ष में कराने का अनुरोध किया था। हालांकि इस मामले में डीएम की ओर से कोई प्रतिक्रिया व्यक्त नहीं की गई है ।