- दो साल पूरी कर चुके उपसभापति अतुल कपूर समेत छह सदस्य हुए बाहर
- छह पदों के लिए हुए नौ नामांकन, उठापटक के बाद तीन ने नाम वापस लिए
बरेली। तमाम उठापटक के बीच सोमवार को हुए नगर निगम कार्यकारिणी के चुनाव में भाजपा के चार और सपा के दो पार्षद निर्विरोध सदस्य चुने गए। हालांकि भाजपा से पांच और सपा से चार पार्षदों ने आवेदन किया था लेकिन इनमें से तीन नाम वापस ले लिए गए। वहीं, उपसभापति अतुल कपूर समेत छह सदस्यों का कार्यकाल पूरा होने के बाद कार्यकारिणी से बाहर कर दिया गया।
दोपहर दो बजे शुरू हुई बैठक में कार्यकारिणी सदस्यों के चुनाव से पूर्व उपसभापति अतुल कपूर, रूप किशोर, अनुपम चमन, पूनम गंगवार, अब्दुल कयूम मुन्ना और सलीम अहमद का दो साल का कार्यकाल पूरा होने की घोषणा की गई। इसके बाद मेयर ने रिक्त हुए छह पदों पर निर्वाचन की घोषणा की गई। भाजपा से मुनेंद्र सिंह, संजय राय, सुधा शर्मा, मुकेश मेहरोत्रा एवं अमित गिहार और सपा से जुबैदा बी, अफरोज, अब्दुल कयूम मुन्ना और सलीम पटवारी ने आवेदन किया। मगर तय रणनीति के तहत नामांकन के 15 मिनट के अंदर ही अमित गिहार, अब्दुल कयूम मुन्ना और सलीम पटवारी ने आवेदन वापस ले लिए। इसके बाद भाजपा के मुनेंद्र सिंह, संजय राय, सुधा शर्मा, मुकेश मेहरोत्रा और सपा के जुबैदा बी, अफरोज के निर्विरोध निर्वाचन की घोषणा कर दी गई।
धरे रह गए इंतजाम, सेटिंग से हो गया काम
नगर निगम में इस समय भाजपा के 41, सपा के 29, कांग्रेस का एक, बसपा के दो और छह निर्दलीय पार्षद हैं। इस तरह एक कार्यकारिणी सदस्य के लिए करीब 13 वोट चाहिए लेकिन सेटिंग के दम पर भाजपा 41 पार्षदों के साथ कार्यकारिणी सदस्यों के चार पद पाने में कामयाब रही। कहा जा रहा है कि निर्विरोध चुनाव होने के चलते पार्षदों के मान-मनौवल की नौबत भी नहीं आई। इसके चलते वहां तैनात सहायक जिला निर्वाचन अधिकारी सीता राम को बैठे ही रहना पड़ा।
पार्टी अध्यक्ष रहे मौजूद, हुआ स्वागत
चुनाव के बाद भाजपा महानगर अध्यक्ष डॉ. केएम अरोरा और सपा के जिला अध्यक्ष अगम मौर्या समर्थकों के साथ नगर निगम पहुंचे। निर्वाचित पार्षदों का फूल मालाओं से स्वागत किया गया। भाजपा नेताओं ने जय श्री राम के नारे भी लगाए। इस दौरान सपा पार्षद दल नेता राजेश अग्रवाल समेत तमाम पार्षद मौजूद रहे।
पार्षद विपुल लाला नहीं भर सके फार्म
चुनाव के दौरान ही पार्षद विपुल लाला ने कार्यकारिणी सदस्य के लिए नामांकन फार्म मांगना शुरू कर दिया। मगर अन्य पार्षदों ने उन्हें समझाया तो वह मान गए।
सभी सदस्यों के सहयोग से नगर निगम बोर्ड की कार्यकारिणी का चुनाव करा लिया गया है। इस दौरान कार्यकारिणी के सभी छह नए सदस्यों को सर्वसम्मति से चुना गया। निगम की पुरानी परंपरा कायम रही और सर्व सम्मति से चुनाव आयोजित किया गया।
- उमेश गौतम, मेयर