बोले- अफसरों को तीन बार लिखा, फिर भी नहीं आए सेनेटरी इंस्पेक्टर
बरेली। नगर निगम के बड़े अफसर 22 सौ करोड़ की स्मार्ट सिटी बनाने में जुटे हुए हैं और शहर को संभालने वाले छोटे अफसरों का कहीं पता नहीं है। चीफ सेनेटरी इंस्पेक्टर एमपीएस राठौर की गतिविधियां शून्य बताते हुए पार्षद सतीश कातिब ने उन्हें गुमशुदा करार दे दिया है। उन्होंने इस संबंध में मेयर उमेश गौतम और नगर आयुक्त सैमुअल पॉल एन को पत्र लिखकर राठौर का एक फोटो उपलब्ध कराने की फरियाद की है ताकि उनकी गुमशुदगी की रिपोर्ट थाने में दर्ज कराई जा सके।
इंदिरानगर वार्ड के पार्षद सतीश कातिब का कहना है कि उनके वार्ड के इलाकों में सफाई व्यवस्था का हाल बेहद खराब है। नगर निगम में जिन लोगों पर वार्डों में सफाई कराने की जिम्मेदारी है, उनका कहीं अता-पता तक नहीं मिल रहा। बड़े अफसरों को भी यह देखने की फुर्सत नहीं है कि उनके मातहत कहां हैं और क्या कर रहे हैं। चीफ सेनेटरी इंस्पेक्टर एमपीएस राठौर उनके वार्ड इंदिरानगर में जमाने से नहीं पहुंचे हैं। ऐसे में यह जाहिर है कि उनका सफाई व्यवस्था पर क्या नियंत्रण होगा। वह इस बारे में नगर निगम अफसरों को तीन पत्र भेज चुके हैं लेकिन चीफ सेनेटरी इंस्पेक्टर की आमद वार्ड में फिर भी नहीं हुई है। पार्षद ने मेयर और नगर आयुक्त से कहा है कि उन्हें चीफ सेनेटरी इंस्पेक्टर का एक फोटो दिला दिया जाए ताकि वह उनकी गुमशुदगी दर्ज कराकर उनकी तलाश करा सकें।
सफाई विभाग के सभी अफसरों को लगातार क्षेत्र में रहकर निरीक्षण करने के निर्देश हैं। इसकी जांच कराई जाएगी कि चीफ सेनेटरी इंस्पेक्टर इंदिरानगर में क्यों नहीं पहुंच रहे हैं। - संजीव प्रधान, प्रभारी नगर स्वास्थ्य अधिकारी
वित्तीय वर्ष के नौ महीने साफ
तो टैक्स वसूली आई याद
बरेली। वित्तीय वर्ष के नौ महीने गुजरने के बाद टैक्स वसूली पर सख्ती शुरू हुई है। नगर आयुक्त टैक्स अनुभाग की बैठक में निर्देश दिया कि हर टैक्स कलक्टर और राजस्व निरीक्षक रोज दस घरों से टैक्स वसूल करेगा। प्रभारी मुख्य कर निर्धारण अधिकारी ललतेश सक्सेना के मुताबिक अगर टैक्स वसूली में कोई दिक्कत आएगी तो आगे की कार्रवाई की जाएगी। बैठक में नगर आयुक्त ने यूनिपोल की किराया वसूली कम होने पर भी नाराजगी जताई। कई दिन पहले अवैध यूनिपोल हटाने के निर्देश दिए गए थे लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। उल्टे नगर आयुक्त के नाराज होने के बाद विज्ञापन प्रभारी विजय कुमार 15 दिन की मेडिकल लीव पर चले गए।
सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट प्लांट के लिए जमीन का मामला आगे खिसका
बरेली। सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट प्लांट के लिए जमीन उपलब्ध कराने संबंधी रिपोर्ट एसडीएम फरीदपुर ने एडीएम (प्रशासन) को भेज दी है। बाद में अनुमति की औपचारिकता पूरी होने के बाद यह भूमि नगर निगम को हस्तांतरित की जाएगी।
केंद्र सरकार की 2005 में मंजूरी मिलने के बाद सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट प्लांट रजऊ परसपुर में इन्वर्टिस यूनिवर्सिटी से सटी जमीन पर बना था। इसका 13 मार्च, 2013 को एकेसी डेवलपर्स ने संचालन शुरू किया। इसी बीच जमीन को लेकर विवाद होने पर मई 2014 में एनजीटी ने प्लांट को बंद करने का आदेश कर दिया। 2017 में मेयर बनने से पहले उमेश गौतम ने नगर निगम को फरीदपुर के गांव बहगुलपुर में प्लांट लगाने के लिए करीब 110 बीघा जमीन खरीदकर दान में दी। हालांकि बाद में निगम अफसरों ने इस जमीन की दूरी ज्यादा बताते हुए इसे अनुपयुक्त बताया। बाद में नगर निगम ने नेशनल हाईवे पर रजऊ के पास गांव सतरापुर में प्लांट लगाने के लिए 10 एकड़ जमीन देखी है। कागजी कार्रवाई पूरी कर नगर निगम अब इसका अधिग्रहण करने की तैयारी में है। इस संबंध में फरीदपुर तहसील प्रशासन ने एडीएम (प्रशासन) वीके सिंह को आख्या भेज दी है।