बरेली। नगर निगम जल निकासी के बजाय बजट खपाने को लेकर ज्यादा गंभीर नजर आ रहा है। बदायूं रोड पर तीन करोड़ की लागत से बनाया गया नाला आज भी टुकड़ों में बंटा पड़ा है और नगर निगम साढ़े छह करोड़ रुपये की लागत से दो नए नाले बनाने की तैयारी कर रहा है, जिसके चलते निगम के अफसरों की मंशा पर सवाल उठ रहा है।
बजट ठिकाने लगाने के लिए नगर निगम के अफसरों ने पिछले तीन साल में नाला निर्माण पर कई करोड़ रुपये फूंक दिए, लेकिन जल निकासी का इंतजाम फिर भी नहीं हो सका। करोड़ों रुपये की लागत से शहर के विभिन्न इलाकों में तैयार किया गया कई किलोमीटर लंबे नालों का जाल कनेक्टिविटी न होने के कारण बेकार पड़ा है। तमाम जगह यह नाले कूड़ा डालकर पाटे जाने लगे हैं। बदायूं रोड पर चौपुला पुल से लेकर करगैना के आगे तक करीब तीन किलोमीटर लंबा नाला बनाया गया है। पिछले तीन सालों में अलग-अलग टुकड़ों में इस नाले के निर्माण पर करीब तीन करोड़ रुपये खर्च किए गए। सारे टुकड़ों का निर्माण भी पूरा हो गया है, लेकिन यह नाला चौपुला पुल, शांति विहार और गन्ना मिल समेत कई स्थानों पर आपस में जोड़ा ही नहीं गया है।
दो नए नाले बनाने की मंजूरी
14वें वित्त आयोग की बैठक में 4.49 करोड़ रुपये की लागत से सिठौरा की जलनिकासी को लेकर नाला बनाने का प्रस्ताव स्वीकृत किया गया है। नाला भी बदायूं रोड के नाले में जोड़ा जाना प्रस्तावित है। ऐसे में कहा जा रहा है कि नगर निगम जल निकासी के नाम पर नाले का एक और टुकड़ा बनाने की तैयारी में है। वहीं छोटी विहार वार्ड में अंबेडकर कॉलोनी में भी एक करोड़ की राशि से नाले का एक टुकड़ा बनाया जाएगा, यह नाला पिछले दिनों बारिश के दौरान बह गया था।