बरेली। कान्हा उपवन में सवा सौ से ज्यादा गोवंश की मौत का मामला मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ तक पहुंचने के बाद वहां सुधार की कवायद तेज हो गई है। गोवंश के लिए नये अस्थाई शेड बनाए जा रहे हैं ताकि उन्हें रात खुले में न गुजारनी पड़े।
नगर निगम में मेयर और नगर आयुक्त के बीच मचे घमासान के दौरान ही सीबीगंज के गांव खड़ौआ स्थित नगर निगम का कान्हा उपवन एवं पशु आश्रय गृह भी विवादों के घेरे में आ गया। मेयर उमेश गौतम ने प्रेसवार्ता कर फरवरी से अब तक सवा सौ गोवंश की मौत और उन्हें बाकरगंज में कूड़े के ढेर में दफनाने का आरोप लगाया था। मामले की शिकायत मुख्यमंत्री तक पहुंची तो हड़कंप मच गया और कान्हा की दशा सुधारने की कवायद शुरू हो गई। अब यहां खुले में रह रही गायों के लिए अस्थाई शेड बनाए जा रहे हैं ताकि गायों को बरसात के मौसम में भीगना न पड़े। वहीं, पक्के शेड का निर्माण कार्य भी तेज हो गया है। कर्मचारियों के रहने के लिए भी व्यवस्था की जा रही है। कान्हा उपवन के संचालक रतन शर्मा ने बताया कि पशु चिकित्सक भी प्रतिदिन यहां का दौरा कर रहे हैं।