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चार महीने दबा रहा मेयर का आदेश, अब नगर आयुक्त बोले- नहीं बन सकती सड़क

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बरेली। नगर निगम में मेयर और नगर आयुक्त के बीच टकराव लगातार बढ़ रहा है। दुर्गानगर में जलभराव से परेशान महिलाओं की शिकायत पर मेयर ने चीफ इंजीनियर को जांच करके अवगत कराने को कहा तो उसे ठंडे बस्ते में डाल दिया गया। करीब चार महीने बाद महिलाएं दोबारा मेयर से मिलने पहुंचीं। मेयर नहीं मिले तो उनको लिखा पत्र लेकर नगर आयुक्त के कार्यालय पहुंच गईं। महिलाओं का आरोप है कि नगर आयुक्त ने उनका पत्र देखा और फिर कालोनी को अवैध बताकर सड़क बनवाने से साफ इनकार कर दिया। महिलाओं ने इसकी शिकायत मेयर कार्यालय में कर नगर आयुक्त पर अभद्रता का आरोप लगाया है।
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वार्ड 33 दुर्गानगर में वनखंडीनाथ मंदिर के पास रहने वाली रेखा शर्मा, सरोज कुमारी, सुनीता, पूनम गुप्ता आदि ने 23 फरवरी को मेयर उमेश गौतम से मुलाकात कर मोहल्ले की चार सड़कें बनवाने की गुहार लगाई थी। इनका कहना था कि बरसात में जलभराव से उन्हें निजात दिलाई जाए। मेयर ने निर्माण विभाग के चीफ इंजीनियर को तत्काल जांच कराकर फोटो समेत अवगत कराने को कहा था। इसके बाद मामला ठंडे बस्ते में पड़ गया। चार महीने बीतने के बाद भी कोई समाधान नहीं हुआ तो यह महिलाएं सोमवार को फिर मेयर से मिलने पहुंचीं। मेयर नहीं मिले तो फोन पर उनसे बात करने के बाद अपनी शिकायत लेकर नगर आयुक्त के पास पहुंचीं। महिलाओं का आरोप है कि नगर आयुक्त ने उनकी कालोनी को अवैध बताकर सड़कें बनवाने से इनकार कर दिया। उन लोगों टैक्स जमा करने और पूर्व के निर्माण कार्यों का हवाला दिया तो नगर आयुक्त ने कहा कि वे काम गलत हुए थे और मैं ऐसा कोई काम नहीं करूंगा। इसके बाद महिलाओं ने मेयर कार्यालय पहुंचकर लिखित शिकायत देकर नगर आयुक्त पर अभद्रता का आरोप लगाया है।

चारों ओर कच्ची सड़कें, ऊपर से भरा पानी
दुर्गानगर में वनखंडीनाथ मंदिर के पास झनकारी लाल के मकान से चंद्रसेन के मकान तक, मोहनलाल के मकान से राकेश के मकान तक, रामसिंह गोले के मकान से प्रेम प्रजापति के मकान तक और रामबाबू के मकान से जेबी टेलर्स तक कच्ची सड़क है। इनमें से दो सड़कों पर जलभराव है, जिसके चलते लोगों को निकलने में दिक्कत हो रही है।
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