बवाल से पहले पोस्ट किया था वीडियो
फरमान ने एक वीडियो शुक्रवार दोपहर में ऐसा भी डाला, जिसमें इस्लामिया मैदान में काफी भीड़ दिख रही थी। यह लाइव वीडियो की तरह चलाया जा रहा था जिससे शहर में आने वाली भीड़ भ्रमित होकर यहां आ जाए। इससे लोग भ्रमित हुए भी और पुलिस पर हमलावर हो गए। फरमान ने ही कार्यक्रम से पहले शुक्रवार को बरेली बंद की अपील का आह्वान करते हुए फेसबुक पर पोस्ट डाली थी।
प्रशासन के कहने पर पोस्ट डाली, फिर डिलीट की
पुलिस की जांच में पता लगा है कि बृहस्पतिवार रात जब नफीस व नदीम ने मौलाना से फोन पर बातचीत के बाद जनता के शहर न आने संबंधी पत्र जारी किया तो उसे पुलिस प्रशासन के अफसरों को देने के साथ ही आईएमसी के व्हाट्सएप ग्रुप में डाल दिया। तब अधिकारियों ने अनुरोध किया कि इसे आईएमसी के फेसबुक पेज पर भी डाल दें।
तब नफीस ने यह पत्र अपने बेटे को भेजकर संगठन के फेसबुक पेज पर अपलोड करने को कहा। फरमान ने इस पत्र को अपलेड करके पोस्ट किया। पुलिस अधिकारियों ने इसी दौरान पांच मिनट बाद ही संगठन का फेसबुक पेज देखा तो वह पोस्ट फरमान डिलीट कर चुका था।
मौलाना ने दी थी प्रशासन को चुनौती
फरमान ने शुक्रवार सुबह मौलाना तौकीर रजा का एक भड़काऊ बयान वाला वीडियो सोशल मीडिया पेज पर अपडेट किया था। इसमें मौलाना आई लव मोहम्मद की आड़ में अपनी राजनीति चमकाने के लिए लोगों से प्रदर्शन में आने का आह्वान कर रहा है। वायरल वीडियो में मौलाना साफतौर पर पुलिस प्रशासन को चुनौती दे रहा है। कह रहा है कि कर्फ्यू लगा दीजिए, कोई परवाह नहीं है। निकलेंगे तो निकलेंगे।
एसएसपी अनुराग आर्य ने बताया कि नफीस व उसके बेटे फरमान के खिलाफ पुलिस को पर्याप्त साक्ष्य मिले हैं कि वह लोग बवाल कराने में भूमिका निभा रहे थे। फरमान ने सोशल मीडिया पर माहौल भड़काने में कसर नहीं छोड़ी। नए आरोपियों का नाम मुकदमों में शामिल किया गया है। किसी और की भूमिका मिली तो उसे भी नहीं बख्शा जाएगा।