बरेली। सरकार की स्क्रैप नीति के तहत पहले चरण में जिले में 170 सरकारी वाहनों को एक अप्रैल से पहले स्क्रैप के लिए भेज दिया जाएगा। परिवहन विभाग को जिले के सभी सरकारी विभागों से 15 साल या इससे ज्यादा पुराने वाहनों की सूची मिल गई है। दूसरे चरण में निजी और कामर्शियल वाहनों को कबाड़ किया जाएगा।पुराने और खटारा हो चुके वाहन पर्यावरण के लिए भी खतरा बने हुए हैं। परिवहन विभाग ऐसे वाहनों का ब्योरा जुटा रहा है जो 15 साल या इससे ज्यादा पुराने हो चुके हैं और बिना फिटनेस व प्रदूषण प्रमाण पत्र के सड़कों पर दौड़ रहे हैं। अब तक जिले में 1.10 लाख बाइक, 20 हजार कारें और 15 हजार से ज्यादा कॉमर्शियल वाहनों का ब्योरा जुटाया जा चुका है।
एआरटीओ दिनेश कुमार सिंह ने बताया कि दूसरे चरण में निजी वाहनों को स्क्रैप के लिए भेजा जाएगा। जो वाहन स्वामी पुराने वाहनों का स्क्रैप कराएंगे, उनको परिवहन विभाग की ओर से स्क्रैपिंग प्रमाण पत्र भी दिया जाएगा। नए वाहनों की खरीद पर उनको रजिस्ट्रेशन आदि में छूट मिलेगी।
जिले में एक स्क्रैप सेंटर परसाखेड़ा में प्रस्तावित है, लेकिन अब तक यह लग नहीं सका है। ऐसे में पहले चरण में स्क्रैप के लिए वाहनों को रामपुर और अमरोहा भेजा जाएगा। दरअसल, मंडल के बदायूं, पीलीभीत और शाहजहांपुर से भी सरकारी वाहनों को स्क्रैप के लिए भेजा जाना है। एआरएटीओ देवेंद्र कुमार सिंह ने बताया कि परसाखेड़ा में स्क्रैप सेंटर स्थापित करने का काम जल्द शुरू हो जाएगा। सरकारी विभागों से स्क्रैप के लिए 170 वाहनों की सूची मिल गई है।