तान्या के परिवार ने मांगा था सहयोग
तान्या का परिवार आर्थिक रूप से कमजोर है। पिता संतोष सागर मोची का काम करते हैं। मां पारो घर पर रहती हैं। बेटी तान्या भी घर पर रहकर मां के काम में हाथ बंटाती है। पिता शादी के लिए लड़का ढूंढ रहे थे। लखीमपुर के प्रेम सागर के साथ शादी की बात चली। सबकुछ तय हो गया। अब शादी करने में पैसों का संकट सामने आया।
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पिता ने समयुन से मदद मांगी। समयुन कोविड के कठिन दौर में भी इस परिवार की मदद कर चुकी हैं तो यह परिवार अभी तक संपर्क में था। ऐसे में समयुन ने तान्या की शादी का पूरा खर्च उठाने का फैसला किया और अपनी टीम के साथ जुट गईं।
लावारिस मरीजों को पहुंचाती हैं अस्पताल
समयुन खान पिछले कई वर्षों से महिला अधिकारों के लिए काम कर रही हैं। सड़क किनारे लावारिस हाल में मिलने वाले मरीजों को जिला अस्पताल पहुंचाती हैं और इलाज कराती हैं। यहां टीम के साथ मरीज के ठीक होने तक उसकी देखभाल करती हैं।
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इसके अलावा आईएमए की टीम के साथ हर महीने रक्तदान कराती आ रही हैं। जरूरत पड़ने पर टीम के सदस्य भी रक्तदान करते हैं। कोविड के कठिन समय में समयुन खान ने टीम के साथ सुभाष नगर, रेलवे रोड व बदायूं रोड के कई घरों में जरूरतमंदों तक राशन पहुंचाया। घरों में गलियों में सैनेटाइजर का छिड़काव किया।