पहले भी किया था हमला
तीन महीने पहले भी आरोपी चल्वे ने तमंचे लहराते हुए पूजा को पूरे मोहल्ले में दौड़ाया था। वह उस पर चरित्रहीनता के आरोप लगाकर गालियां दे रहा था। उस समय तो वह किसी के घर छिपकर बच गई थी। बाद में चल्वे ने लोधीनगर चौराहे पर हंगामा किया। तीन महीने पहले भी वह मुन्ना को ही गोली मारने लोधीनगर चौराहे गया था।
वहां मुन्ना की जगह मुन्ना का भाई दीपक फल बेचता मिला तो चल्वे ने उस पर फायर कर दिया। गनीमत रही कि वह बाल-बाल बच गया और फरार हो गया। दोपहर में चौराहे पर गोला चलाने में जानलेवा हमले की रिपोर्ट लिखी गई और पुलिस ने उसे मौके से ही दबोचकर जेल भेजा था।
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पूजा ने जान की परवाह न कर पहले तो थाने जाकर ही चल्वे को छुड़ाने की कोशिश की। वह नहीं छूटा तो कोर्ट में तगड़ी पैरवी करके दो माह में ही उसे जमानत पर छुड़ा लिया। लोग चर्चा कर रहे थे कि पूजा अगर पैरवी करके चल्वे को जेल से नहीं छुड़ाती तो उसे अपनी जान नही गंवानी पड़ती।