तीन मई को फांसी पर लटका मिला था चौकीदार का शव, कोर्ट के आदेश पर पुलिस ने की कार्रवाई
किच्छा। कोर्ट के आदेश पर पुलिस ने छह लोगों के खिलाफ चौकीदार की हत्या करने के आरोप में मुकदमा किया है। पुलिस ने मामले की जांच भी शुरू कर दी है।
ग्राम उनई मकरूका थाना बहेड़ी जिला बरेली (यूपी) निवासी मनोहर सिंह ने न्यायालय में प्रार्थना पत्र देकर बताया कि उसके गांव का रहने वाला मोहन सिंह कबाड़ी का काम करता है। उसने यहां की लोटस कंपनी में कबाड़ में लोहा आदि सामान खरीदा था। इस कंपनी में मनोहर का पुत्र सुरेंद्र सिंह कबाड़ी मनोज के कबाड़ की चौकीदारी करता था। मोहन सिंह ने लोटस कंपनी से खरीदा कबाड़ गोपालपुर तिल मिल के पास सिकंदराबाद में मनोज गुर्जर, मोबीन, मामू उर्फ कलुआ, सरताज, जुल्फिकार और रवि को बेच दिया था। मोबीन ने मोहन व सुरेंद्र के घर लौटते समय सुरेंद्र को अपने यहां कबाड़ की चौकीदारी करने के लिए रोक लिया और सुरेंद्र को नौकरी पर रख लिया। कुछ दिनों बाद सुरेंद्र ने अपने पिता को फोन पर बताया कि सभी पार्टनर एक दूसरे से हेराफेरी कर धोखाधड़ी करते हैं। जब वह मना करता है तो वे दूसरे पार्टनर से बताने पर जान से मारने की धमकी देते है। बताया कि वे लोग 12 हजार रुपये के हिसाब से मासिक वेतन भी नहीं दे रहे। उसने मालिकों से अपनी बहन की शादी में जाने के लिए वेतन मांगा तो उन्होंने मना कर दिया। बताया कि आरोपियों से उसकी जान को खतरा है। वेतन मिलने पर वह नौकरी छोड़ देगा।
मनोहर के अनुसार, बीती तीन मई को उनके फोन पर सूचना मिली कि सुरेंद्र ने फांसी लगा ली है। मनोहर ने आरोप लगाया कि सुरेंद्र सिंह को मनोज गुर्जर, मोबीन, मामू उर्फ कलुआ, सरताज, जुल्फकार व रवि ने मारकर अंगोछा और बनियान से फांसी का फंदा बनाकर लटका दिया। अपना अपराध छिपाने के लिए सुरेंद्र की आत्महत्या की कहानी रच दी। तहरीर देने के बाद भी पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की। पुलिस में शिकायत करने पर उन्हें भी जान से मारने की धमकी दे रहे हैं। न्यायालय के आदेश पर पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ हत्या व जान से मारने की धमकी देने की धाराओं में केस दर्ज कर लिया है।