बरेली। सत्संगी दंपती हत्याकांड के आरोपी अनुराग भागवानी को जेल से जिला अस्पताल शिफ्ट कर दिया गया है। उसका नार्को टेस्ट व फिंगरप्रिंट की अनुमति लेने को प्रेमनगर पुलिस ने कोर्ट में अर्जी लगाई है जिसमें शुक्रवार को इस मामले में सीजेएम कोर्ट में फैसला होना है। वहीं अनुराग और उसके वकील ने उसके खराब स्वास्थ्य का हवाला देकर इससे इंकार किया है। चर्चित हत्याकांड से जुड़े हालिया निर्णय पर सबकी निगाहें लगी हैं।
सेंट्रल बैंक की सहायक प्रबंधक रूपा सत्संगी और उनके पति नीरज सत्संगी की हत्या के आरोप में पुलिस अनुराग भागवानी को जेल भेज चुकी है। पुलिस और आरोपी ने हत्या के पीछे जो कहानी बताई, उससे सत्संगी परिवार सहमत नहीं है। अब पुलिस अनुराग का नार्को, ब्रेन मैपिंग और लाई डिटेक्टर टेस्ट कराना चाहती है, जो सत्संगी परिवार भी चाहता है। विवेचक प्रेमनगर इंस्पेक्टर बलवीर सिंह ने मंगलवार को सीजेएम कोर्ट में अर्जी दी, लेकिन जेल से लाए गए अनुराग भागवानी ने नार्को टेस्ट से इनकार कर दिया था। अदालत में स्वतंत्र रूप से उसकी पैरवी कर रहे अधिवक्ता अनिल द्विवेदी ने कोर्ट में अर्जी देकर उसकी रीढ़ की हड्डी टूटी बताकर पहले इलाज कराने की जरूरत बताई। अभियोजन और बचाव पक्ष की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने फैसले के लिए नौ अगस्त की तारीख तय कर दी। इससे ठीक पहले गुरुवार शाम अनुराग को जेल के अस्पताल से जिला अस्पताल में शिफ्ट कर दिया गया। यहां हड्डी रोग विशेषज्ञ उसका उपचार करेंगे और ऑपरेशन या अन्य इलाज के लिहाज से उसे पीजीआई या एम्स भी भेजा जा सकता है।
अनुराग बोला- लालच में मारा गया
जिला अस्पताल में पत्रकारों ने अनुराग से घटनाक्रम के बारे में पूछा तो उसने स्वीकार किया कि रुपये के लालच में वह अंधा हो गया था। पांच लाख की खातिर वो नीरज को मारने आया था और चिल्लाने पर रूपा की भी हत्या कर बैठा। कहा कि अब वह तो शरीर से लाचार है ही, उसका परिवार भी उसके गुनाह की सजा भुगत रहा है। उसकी पत्नी, मां और दो मासूम बेटियों का भविष्य खराब हो गया है।