बरेली। शहर के विकास पर नगर निगम सात सौ करोड़ रुपये खर्च करेगा। इससे रुके हुए विकास कार्याें को गति मिलेगी। शहर की सफाई व्यवस्था भी बेहतर होगी। नगर निगम परिसर में बुधवार को महापौर की अध्यक्षता में आयोजित कार्यकारिणी की बैठक में 697 करोड़ के पुनरीक्षित बजट को मंजूरी दी गई। बैठक में प्रमुख तौर पर सड़क, नाली, स्ट्रीट लाइट, साफ-सफाई, गृहकर, डोर-टू-डोर कूड़ा कलेक्शन, पार्काें के टेंडर और मुख्यमंत्री की प्राथमिकता वाली योजनाओं के बजट पर चर्चा हुई।
शहर में बने 236 छोटे-बड़े नालों की सफाई का मुद्दा उठा। इसके लिए ढाई करोड़ का बजट दिया गया है। महापौर उमेश गौतम ने बताया कि आठ नालों के पानी को बॉयो रेमेडिएशन विधि से साफ करने पर काम शुरू हो गया है। बड़ा नाला किला फूलबाग, जखीरा, इज्जतनगर, गायत्रीनगर, कर्मचारीनगर नाले पर सिस्टम लग चुका है। अब किला, इज्जतनगर, हरूनगला, सुभाषनगर नालों पर यह व्यवस्था शुरू की जाएगी।
वर्ष 2023-24 में डोर-टू-डोर कूड़ा कलेक्शन से नगर निगम को 2.84 करोड़ की आय हुई थी। 2024-25 में आठ करोड़ रुपये की आय का प्रावधान किया गया था। सितंबर तक 1.29 करोड़ की आय हो चुकी है। वर्ष 2023-24 में डोर-टू-डोर कूड़ा कलेक्शन के लिए एजेंसियों पर चार करोड़ से अधिक रकम खर्च हुई थी। इसे घटनाकर तीन करोड़ किया गया था। सितंबर तक इसमें 1.60 करोड़ रुपये खर्च हो चुके हैं। समिति ने इसे बढ़ाकर पांच करोड़ रुपये करने पर अपनी मुहर लगाई है।
अब ठेके पर होगा 332 पार्काें का रखरखाव
बदहाल हो रहे पार्कों को संवारने पर चर्चा हुई। अब तक 24 से 25 माली पार्काें का रख-रखाव करते थे, लेकिन अब इसके लिए टेंडर जारी कर दिया गया है। अब इसकी जिम्मेदारी एजेंसियों की होगी। डिवाइडर आदि पर लगे पेड़-पौधों का भी रखरखाव एजेंसी को सौंपा जाएगा।
वार्ड वार बांटे जाएंगे कंबल
उपसभापति सर्वेश रस्तोगी के साथ पार्षदों ने नगर आयुक्त को पत्र दिया। इसमें कहा गया है कि वर्तमान में सर्दी के प्रकोप को देखते हुए गरीब व बेसहारा लोगों को ठंड से बचाने के लिए पार्षदों को दो-दो सौ कंबल दिए जाएं। वहीं, हर वार्डों के सार्वजनिक स्थानों पर अलाव के लिए 20-20 क्विंटल लकड़ी बांटी जाएं। इस पर समिति ने स्वीकृति दे दी। बैठक में नगर आयुक्त संजीव कुमार मौर्य सहित अन्य अधिकारी व कार्यकारिणी के सदस्य मौजूद रहे।
यहां से आएगी धनराशि
गृहकर 59 करोड़
विज्ञापन शुल्क 5.50 करोड़
जलकर 38 करोड़
सीवर कर 15 करोड़
दुकान किराया 3 करोड़
वधशाला 4 करोड़
राज्य वित्त आयोग 1.90 अरब
15वां वित्त आयोग टाइड फंड 54 करोड़
15वां वित्त आयोग अनटाइड फंड 47 करोड़
स्वच्छ भारत मिशन 5 करोड़
अमृत योजना 2 करोड़
नगरीय सौर पुंज योजना 1.5 करोड़
कान्हा पशु आश्रय योजना 3 करोड़
कान्हा गोशाला एवं बेसहारा योजना 2 करोड़
अंत्येष्टि स्थलों का विकास 2 करोड़
राष्ट्रीय स्वच्छ वायु कार्यक्रम 40 करोड़
सीएम ग्रिड योजना 2 करोड़
अवस्थापना निधि 5 करोड़
यहां होगा खर्चसड़क व नाली निर्माण 62.50 करोड़
वार्डों में ठेके पर सफाई 16 करोड़
डोर-टू-डोर कूड़ा कलेक्शन 12 करोड़
डलावघर से कूड़ा उठान 12 करोड़
मलिन बस्तियों का विकास 12.50 करोड़
नए मार्गों का निर्माण 25 करोड़
संवाद