बीडीए की कार्यप्रणाली पर उठाए सवाल
गंभीर मुद्दा बरेली विकास प्राधिकरण (बीडीए) की कार्यप्रणाली को लेकर उठा है। कहा कि जिन दुकानों और मकानों को बीडीए ने खुद जनता को बेचा है, उन्हें अब नगर निगम की ओर से 10 फीट अतिक्रमण की श्रेणी में रखकर नोटिस देना समझ से परे है।
व्यापारियों का कहना है कि जब कोई व्यक्ति सरकारी संस्था से संपत्ति खरीदता है, तो वह इस विश्वास के साथ निवेश करता है कि नक्शा पास होगा और सभी एनओसी प्राप्त होंगी। यदि आज उन संपत्तियों को अवैध बताया जा रहा है, तो इसका मतलब है कि बीडीए ने जनता के साथ धोखाधड़ी की है।
व्यापार मंडल ने सुझाव दिया है कि चूंकि नैनीताल रोड लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) के अंतर्गत आती है, इसलिए चौड़ीकरण का कार्य केवल पीडब्ल्यूडी के नक्शों के आधार पर ही किया जाना चाहिए। इस दौरान जिलाध्यक्ष दिनेश चंद्र सक्सेना, महानगर अध्यक्ष मनोज कपूर आदि मौजूद रहे।