बरेली। शहर के विकास में सबसे अहम योगदान देने वाली गृहकर की रकम की वसूली अब नगर निगम के लिए सिरदर्द बन गई है। चालू वित्तीय वर्ष में 59 करोड़ लक्ष्य के सापेक्ष निगम अभी तक सिर्फ 16.2 प्रतिशत वसूली कर सका है। महापौर कार्यालय में आयोजित कार्यकारिणी की बैठक में पुनरीक्षित बजट पर चर्चा के दौरान यह मामला सामने आया।
बैठक में सामने आया कि वर्ष 2023-24 में 36.65 करोड़ रुपये कर वसूली हुई थी। वर्ष 2024-25 के मूल बजट के इसे दो मदों में बांट दिया गया। व्यावसायिक भवनों से 35 करोड़ व आवासीय भवनों से 24 करोड़ रुपये वसूली का प्रावधान रखा गया। चालू वर्ष में अब तक व्यावसायिक भवनों से 3.23 करोड़ व आवासीय से 6.33 करोड़ रुपये ही वसूले जा सके हैं। इस लिहाज से देखा जाए तो अब तक आवासीय भवनों से 26.3 फीसदी तो व्यावसायिक भवनों से सिर्फ 9.51 फीसदी कर ही वसूला जा सका है।
कुर्की से पहले रकम जमा कराने पर दें जोर
बैठक में कार्यकारिणी सदस्य सलीम पटवारी, नीरज कुमार आदि ने शिविर के रोस्टर की जानकारी न होने की बात रखी। इस पर महापौर ने मुख्य कर निर्धारण अधिकारी प्रदीप कुमार मिश्रा को निर्देश दिए कि जिस वार्ड में कैंप लगाएंगे, वहां पहले से लोगों को सूचना जरूर दें। एक लाख रुपये से ज्यादा रकम के बकायेदारों की कुर्की की कार्रवाई से पहले कर जमा कराने का प्रयास करें। बेवजह किसी को परेशान न किया जाए।
शिविर से एक दिन पहले आठ घरों पर कुर्की का नोटिस चस्पा
नगर निगम की ओर से वार्ड 23 इंद्रानगर में पार्षद सतीश कातिब के कैंप कार्यालय में शिविर का आयोजन बृहस्पतिवार को होना है। जबकि, बुधवार को ही कर विभाग की ओर से आठ घरों पर कुर्की का नोटिस चस्पा कर दिया गया। इसमें जयराम पर 4.40 लाख, गंगाराम पर 19.10 लाख, प्रबंधक खादी ग्राम उद्योग व सेवा आश्रम पर 1.95 लाख और राजेंद्र नगर की मंजीत कौर पर 2.81 लाख, सोमनाथ पर 14.98 लाख, गिरीश कुमार अग्रवाल पर एक लाख, ब्रज विलास पैलेस पर 3.23 लाख, जगन्नाथ खट्टर-गोलाराम खट्टर पर 3.48 लाख रुपये बकाया हैं। संवाद