नगर निगम की टीम ने अतिक्रमण पर की कार्रवाई
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बरेली के कोहाड़ापीर से धर्मकांटे के लिए जाने वाले रोड के किनारे से अतिक्रमण हटाने के दौरान शनिवार को नगर निगम की टीम को विरोध का सामना करना पड़ा। कार्रवाई शुरू होते ही व्यापारियों ने विरोध शुरू कर दिया। निगम से नक्शा मंगाया गया। फीते से मौके पर नापजोख कराई गई। इसके बाद कार्रवाई दोबारा शुरू हुई।
सीएम ग्रिड योजना के तहत कोहाड़ापीर से धर्मकांटे तक रोड का चौड़ीकरण होना है। नगर निगम की ओर से जनवरी माह में रोड की नापजोख करके 60 दुकानों पर निशान लगाए गए थे। व्यापारियों को मोहलत दी थी कि अपने आप दुकान के आगे किया गया अतिक्रमण हटा लें। ऐसा न करने पर निगम इसे ध्वस्त कर देगा।
कई बार नोटिस के बाद भी अतिक्रमण नहीं हटाया गया। शनिवार को नगर निगम की टीम बुलडोजर लेकर मौके पर पहुंची। लल्ला मार्केट से अतिक्रमण हटाने की शुरुआत की गई। बुलडोजर कार्रवाई शुरू होते ही स्थानीय व्यापारी आक्रोशित हो गए। विरोध शुरू कर दिया।
विरोध के बीच चलती रही कार्रवाई
व्यापारियों का आरोप था कि निगम नापजोख किए बिना ही कार्रवाई कर रहा है। कहीं पर दो तो कहीं पर चार मीटर के निशान लगाए गए हैं। उनके पास दुकानों के कागज हैं। वर्षो से यहीं पर कारोबार कर रहे हैं। अब तक दुकानें अवैध नहीं थीं, अब अचानक से दुकानों को अवैध बताया जा रहा है। उन्होंने सवाल उठाया कि जब दुकान ही नहीं रहेगी तो हम कारोबार कहां करेंगे? मौके पर करीब तीन घंटे तक विवाद चलता रहा। दोबारा पैमाइश के बाद भी विरोध जारी रहा, हालांकि टीम ने विरोध के बीच ही कई जगह अतिक्रमण ध्वस्त कर दिया।
कई ने खुद हटाए अतिक्रमण
शनिवार को टीम के पहुंचने से पहले कई व्यापारियों ने खुद ही अतिक्रमण हटा लिया। टीम ने रोड के किनारे रखे गए सामान को भी जब्त कर लिया। लल्ला मार्केट में रहने वाली आकांक्षा ने बताया कि निगम ने पूर्व सूचना दिए बिना मकान के आगे का स्लैब तोड़ दिया।
अतिक्रमण हटाओ दस्ता प्रभारी सीबी जोशी ने बताया कि कोहाड़ापीर से धर्मकांटे तक सीएम ग्रिड योजना के तहत काम होना है। दुकानदारों को पहले ही नोटिस दिए जा चुके हैं। खुद अतिक्रमण न हटाने पर कार्रवाई की जा रही है। अभियान आगे भी जारी रहेगा।