रहपुरा जागीर में ग्राम समाज की साढ़े आठ सौ बीघा जमीन पर भूमाफिया के कब्जे के मामले ने तूल पकड़ा
आधा घंटे गांव की सीमा पर खड़े रहने के बाद लौटे संतोष और डीसी वर्मा
विधायक के खिलाफ की जमकर नारेबाजी, साठगांठ का आरोप लगाया
फतेहगंज पश्चिमी। ग्राम समाज की साढ़े आठ सौ बीघा जमीन को कब्जामुक्त कराने की कार्रवाई रोक दिए जाने पर गांव रहपुरा जागीर के लोगों का गुस्सा सातवें आसमान पर है। शुक्रवार को गांव वालों को मनाने पहुंचे सांसद संतोष गंगवार और विधायक डीसी वर्मा को उनके भारी विरोध का सामना करना पड़ा। गांव वालों ने विधायक के खिलाफ जमकर नारेबाजी करते हुए दोनों को गांव में नहीं घुसने दिया। आधा घंटा गांव की सीमा पर खड़े रहने के बाद सांसद और विधायक लौट गए।
सांसद संतोष गंगवार और विधायक डीसी वर्मा शुक्रवार को फतेहगंज पश्चिमी में भाजपा के पिछड़ा वर्ग सम्मेलन में भाग लेने के बाद रहपुरा जागीर में ग्रामीणों से मिलने पहुंचे लेकिन सैकड़ों लोगों ने उन्हें गांव के बाहर प्राइमरी स्कूल के पास ही घेरकर गांव के अंदर घुसने से रोक दिया। सांसद और विधायक ने गांव चलकर बैठकर बात करने की इच्छा जताई लेकिन ग्रामीण उन्हें गांव में घुसने देने को तैयार नहीं हुए। मजबूरन सांसद और विधायक को ग्रामीणों से बात करने के लिए गाड़ी से उतरकर वहीं खड़ा होना पड़ा।
बातचीत शुरू होती, इससे पहले ही गांव वालों ने विधायक डीसी वर्मा के विरोध में नारेबाजी शुरू कर दी। सांसद संतोष गंगवार ने गांव वालों को शांत करने की कोशिश की लेकिन वे नहीं माने। करीब आधे घंटे तक सांसद और विधायक गांव की सीमा पर ही खड़े रहे। इसके बाद सांसद ने गांव वालों से मंगलवार को अपने कार्यालय भारत सेवा ट्रस्ट आकर सभी अभिलेख दिखाने और ग्राम समाज की जमीन से अवैध कब्जे हटवाने की बात कहकर विधायक के साथ लौट गए।
सांसद के सामने बोले गांव वाले विधायक ने रुकवा दी पैमाइश
गांव वालों की अगुवाई कर रहे तीरथराम ने सांसद सामने नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा कि राजस्व विभाग ने पैमाइश शुरू की थी लेकिन उसे विधायक ने रुकवा दिया क्योंकि उनके करीबियों ने पट्टे की जमीन खरीद ली है। उन्होंने कहा कि ग्राम समाज की 850 बीघा जमीन उपलब्ध होने के बावजूद उस पर भूमाफिया के कब्जे की वजह से गांव में बरात घर, इंटर कॉलेज आदि का निर्माण नहीं हो पा रहा है। इस दौरान गांव के लोगों में आपस में भी नोकझोंक हुई। दरअसल कुछ ग्रामीणों का एक गुट विधायक के पक्ष में विरोध कर रहे ग्रामीणों पर दबाव बनाने की कोशिश रहा था कि वे उन्हें गांव में आने से न रोकें लेकिन गांव के लोग इतना गुस्साए हुए थे कि उन्हें पीछे हटना पड़ा।
झुंझलाए सांसद नहीं रुके विधायक के कैंप कार्यालय पर, बरेली लौटे
विधायक डीसी वर्मा ने रहपुरा जागीर गांव के बाहर एक डिग्री कॉलेज बना रखा है। यहीं उनका कैंप कार्यालय भी है। बताया जाता है कि इसी वजह से कुछ ग्रामीण विधायक के पक्षधर हैं। यही लोग सांसद संतोष गंगवार को विरोध न होने देने का भरोसा दिलाकर गांव ले गए थे मगर वहां उन्हें जोरदार विरोध का सामना करना पड़ा। गांव में घुसने न देने के बाद सांसद के चेहरे पर नाराजगी के भाव साफ नजर आए। रहपुरा जागीर से विधायक के कैंप कार्यालय पर न रुककर वह सीधे बरेली लौट गए।
दो बार खारिज हो चुके हैं 850 बीघा जमीन पर पट्टे, फिर भी कब्जा
रहपुरा जागीर सांसद संतोष गंगवार का गोद लिया गांव है जहां चकबंदी चल रही है। कहा जा रहा है कि चकबंदी की ही आड़ में अधिकारियों से साठगांठ कर कुछ लोगों ने ग्राम समाज की करीब 850 बीघा जमीन के पट्टे अपने नाम कराकर उस पर कब्जा कर लिया है। दो बार ये पट्टे खारिज हो चुके हैं। जिला पंचायत सदस्य तीरथराम की अगुवाई में ग्रामीणों के भारी विरोध पर चकबंदी और राजस्व विभाग की टीम ने करीब 20 दिन पहले पैमाइश करके करीब दो सौ बीघा जमीन कब्जामुक्त कराई थी। इसके बाद अचानक यह कार्रवाई रोक दी गई। ग्रामीणों का आरोप है कि विधायक डीसी वर्मा के दबाव में पैमाइश रोकी गई है। कुछ दिन पहले ग्रामीणों ने डीएम को ज्ञापन देकर दस दिन के अंदर कब्जे न हटने पर धरना-प्रदर्शन की चेतावनी दी थी। इसके बाद भी कार्रवाई नहीं हुई तो 19 दिसंबर को ग्रामीण ट्रैक्टर ट्रॉली में भरकर सांसद संतोष गंगवार के यहां पहुंचे थे। ग्रामीणों का आरोप है कि सांसद ने उनकी नहीं सुनी। इस पर गुस्साए ग्रामीण सेठ दामोदर दास पार्क में धरने पर बैठ गए। तीन दिन बाद सिटी मजिस्ट्रेट राजीव पांडेय ने दस दिन के अंदर जमीन खाली कराने का आश्वासन देकर धरना खत्म कराया था।
रहपुरा जागीर हमारा गोद लिया गांव है। मैंने मीरगंज विधायक के साथ गांव जाकर लोगों से बात की है। डीएम ने भी मामले की जांच के लिए कमेटी गठित की है और किसी को कोई आपत्ति नहीं है। सिर्फ एक व्यक्ति ही माहौल खराब करने की कोशिश कर रहा है।
- संतोष गंगवार, पूर्व केंद्रीय मंत्री एवं सांसद