सप्ताह भर पहले यानी 11 दिसंबर को नगर निगम ने शहर को अतिक्रमण मुक्त करने की कवायद शुरू की थी। पूरी मेहनत के साथ अतिक्रमण हटाए भी गए। रविवार को अमर उजाला की टीम ने जब अतिक्रमण मुक्त किए गए स्थानों का जायजा लिया तो हालात बहुत जुदा नजर नहीं आए। टीम एक सड़क का अतिक्रमण साफ कर आगे बढ़ती है और अतिक्रमणकारी पीछे से आकर फिर कब्जा जमा लेते हैं। कुछ जगह छोड़ दें तो अतिक्रमण से मुक्त कराई गईं अधिकांश सड़कें फिर से अवैध कब्जा धारकों के चंगुल में आ चुकी हैं।
बरेली कॉलेज रोड
नगर निगम के ठीक सामने स्थित इस सड़क से ही नगर निगम ने अतिक्रमण हटाने की शुरुआत की थी। लगातार दो दिन इस सड़क से अतिक्रमण हटाए गए, मगर अब यहां फिर कब्जे हो गए हैं। बड़े शोरूम का सामान निकालकर व्यापारियों ने फिर से सड़क पर रख लिया है। होटल चलाने वालों ने भी ठेला लगाकर काम शुरू कर दिया है। नगर निगम की टीम ने एक बार भी कब्जा हटाने के बाद यहां लौटकर देखने की जहमत नहीं उठाई।
कुतुबखाना रोड
इस रोड पर अतिक्रमण हटाने को लेकर टीम को सबसे ज्यादा विरोध झेलना पड़ा था। विरोध के चलते ही कोहाड़ापीर तक अभियान चलाकर टीम को बैरंग लौटना पड़ा। यहां भी अतिक्रमण फिर से जम गया है। रविवार को कुतुबखाना रोड पर अधिकांश दुकानों के फ्लैक्स सड़क पर ही रखे नजर आए। कुछ लोग तो सड़क पर ही पूरा कारोबार करते मिले।
चौपुला, गिहार बस्ती
यहां के हालात भी पहले से बहुत ज्यादा जुदा नजर नहीं हैं। बिहारीपुर चौकी के पास बाइक मैकेनिकों की दुकानें फिर से सड़क किनारे सज चुकी हैं और सड़क पर ही बाइकों की मरम्मत का काम जारी है। कुछ आगे बढ़कर गिहार बस्ती के पास सड़क किनारे कूची, चिक, सूप आदि की दुकानें भी फिर से लग चुकी हैं। किराना आदि की अन्य दुकानों का सामान भी सड़क किनारे सज गया है और हालात पहले जैसे हो गए हैं।
चौकी चौराहा से गांधी उद्यान
इस मार्ग पर अब हालात काफी हद तक ठीक हैं। लोगों ने बताया कि शनिवार को अतिक्रमण हटाने के बाद नगर निगम की टीम ने कई दुकानदारों का सामान जब्त कर लिया था। कब्जे हटाने के बाद शाम को भी टीम वहां पहुंची थी। इसके चलते रविवार को लोग वहां दोबारा दुकान लगाने की हिम्मत नहीं जुटा सके।
अब देना पड़ेगा जुर्माना
अतिक्रमण प्रभारी एवं नगर निगम के पर्यावरण अभियंता उत्तम कुमार वर्मा ने बताया कि अवैध कब्जों पर अब सामान जब्त करने के साथ ही जुर्माने का प्रावधान भी किया जाएगा। सड़क किनारे जेनरेटर आदि रखने वालों से क्षमता के अनुसार दो हजार से लेकर दस हजार तक जुर्माना वसूला जाएगा। सोमवार से ही अतिक्रमण अभियान के दौरान यह व्यवस्था लागू की जाएगी।