बरेली के भुता क्षेत्र में पांच नवंबर को हुई पुष्पेंद्र की हत्या के छह दिन बाद उनकी बीमार मां ने भी दम तोड़ दिया। परिजनों ने इसे सदमे से जुड़ा बताते हुए मुख्य आरोपियों की गिरफ्तारी न होने पर गुस्सा जताया। वह शव को एंबुलेंस से एसएसपी दफ्तर के बाहर ले आए। हालांकि एसएसपी ने उन्हें जल्दी ही गिरफ्तारी का आश्वासन दिया तो वह बाहर से ही लौट गए।
भुता थाना क्षेत्र के गांव खरदाह निवासी पुष्पेंद्र उर्फ पुष्पाल की पांच नवंबर को रंजिश में चार गोलियां मारकर हत्या कर दी गई थी। आरोपी फरार हो गए जबकि अन्य चार आरोपियों को पुलिस ने जेल भेज दिया है। दो आरोपी पूरनलाल व पवन पहले से जेल में हैं। सोमवार तड़के पुष्पेंद्र की मां नारायणो देवी की मौत हो गई। परिजन उनका शव एंबुलेंस में लेकर एसएसपी दफ्तर को निकले। दफ्तर के बाहर ही एंबुलेंस खड़ी कर ली।
फिर पुष्पेंद्र की शिक्षिका पत्नी संगीता ने कुछ लोगों के साथ अंदर जाकर शिकायतें सुन रहे एसएसपी अनुराग आर्य से बात की। कहा कि मुख्य आरोपियों की गिरफ्तारी तक नहीं हो सकी है। उन्होंने आरोपियों के घरों पर बुलडोजर चलाने की मांग की।