यह है आरसीएमएस, ऐसे करता है काम
राशन कार्ड मैनेजमेंट सिस्टम (आरसीएमएस) खाद्य एवं रसद विभाग का ऑनलाइन सिस्टम है। इसका प्रयोग राशन कार्ड के लाभार्थियों के रिकॉर्ड के प्रबंधन के लिए होता है। इससे कार्ड धारक के परिवार के सदस्यों का विवरण, रिकॉर्ड का मिलान, पात्र और अपात्र लाभार्थियों की पहचान की प्रक्रिया में सहयोग, राशन कार्ड में संशोधन, नाम जोड़ने और हटाने जैसी कवायदें संचालित होती हैं।
साल भर पूर्व आयकर, परिवहन विभाग के आंकड़ों पर हटाए गए थे 40 हजार राशन कार्ड
तथ्य छिपाकर अपात्रों द्वारा गरीबों का निवाला डकारने की शिकायत मिलने पर वर्ष 2024-2025 में केंद्र सरकार ने आयकर और परिवहन विभाग के आंकड़ों का मिलान किया था। इसमें करीब 42 हजार लोग अपात्र मिले थे। सत्यापन के बाद 40 हजार लोगों के अपात्र होने की पुष्टि हुई थी। सभी के राशन कार्ड डिलीट हुए। इस बार 24 की-परफार्मेंस इंडीकेटर्स के जरिये आंकड़ों का मिलान किया गया।
बहेड़ी में 15 हजार तो मीरगंज में 3,100 राशन कार्ड धारक संदिग्ध
बहेड़ी, रिछा, शेरगढ़ में 17 हजार और मीरगंज में करीब 3100 राशन कार्डधारक संदिग्ध मिले हैं। ऑनलाइन सूची अपलोड होने के बाद सत्यापन शुरू हो गया है। इनमें वाहन मालिक, आयकरदाता, पीएफ से जुड़े लोग भी शामिल हैं। ब्लॉकवार शेरगढ़ में 6,016, बहेड़ी में 4,755, रिछा में 4,168 संदिग्ध लोग हैं।
बहेड़ी में चार हजार से ज्यादा कार्ड धारकों ने सालभर से राशन लिया ही नहीं है। साढ़े सात एकड़ से अधिक कृषि भूमि वाले परिवारों की संख्या तीन हजार से अधिक है। मीरगंज के पूर्ति निरीक्षक रवि कुमार सक्सेना के मुताबिक, करीब 3100 राशन कार्ड संदिग्ध हैं। नियमानुसार जांच और कार्रवाई की जा रही है।
ये हैं प्रमुख इंडीकेटर्स
सौ से अधिक उम्र के लाभार्थी, छह और 12 माह से राशन न लेने वाले, एक ही नाम पर दो कार्ड, 18 वर्ष से कम उम्र के अकेले सदस्य, आयकरदाता, चार पहिया समेत कॉमर्शियल वाहनों के स्वामी, कंपनी डायरेक्टर, आधार में गलत जानकारी, सरकारी कर्मचारी, छह लाख रुपये प्रतिमाह से अधिक आय, ईपीएफओ, मृतक, साढ़े सात एकड़ से अधिक कृषि भूमि के स्वामी व अन्य इंडीकेटर्स शामिल हैं।