विशेष ट्रेनों की लेटलतीफी और किराया ज्यादा होने की वजह से यात्री इससे किनारा करने लगे हैं। हालत यह है कि नियमित ट्रेनें अब भी ठसाठस हैं, वहीं ज्यादातर विशेष ट्रेनें खाली दौड़ रही हैं। 31 मार्च तक बरेली होकर गुजरने वाली 20 से ज्यादा विशेष ट्रेनों की सभी श्रेणियों में सीटें खाली हैं।
होली के दौरान रेलवे ने बरेली होते हुए 52 से ज्यादा विशेष ट्रेनों का संचालन किया। त्योहार के दौरान इन ट्रेनों पर यात्रियों का दबाव रहा, लेकिन अब ये खाली दौड़ रही हैं। कई ट्रेनों में तो 700 से 800 सीटें तक खाली हैं। शनिवार को 05006 अमृतसर-गोरखपुर विशेष ट्रेन 16 घंटे तो 05577 सहरसा-आनंद विहार विशेष ट्रेन 13 घंटे देरी से बरेली आई। 05058 दिल्ली-गोरखपुर विशेष ट्रेन ने 11 घंटे और 04830 गोरखपुर-जोधपुर विशेष ट्रेन ने नौ घंटे का इंतजार कराया।
04021 गोरखपुर-नई दिल्ली विशेष ट्रेन छह घंटे देरी से आई। नियमित ट्रेनों में 15127 काशी विश्वनाथ एक्सप्रेस आठ घंटे, 15654 अमरनाथ एक्सप्रेस पांच घंटे, 13429 मालदा टाउन-आनंद विहार एक्सप्रेस तीन घंटे देरी से आईं। 12391 श्रमजीवी एक्सप्रेस, 15910 अवध-असम एक्सप्रेस ने चार-चार घंटे और 12211 मुजफ्फरपुर-आनंद विहार एक्सप्रेस ने तीन घंटे इंतजार कराया।
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19269 मुजफ्फरपुर सुपरफास्ट, 14674 शहीद एक्सप्रेस, 15934 न्यू तिनसुकिया एक्सप्रेस, 13308 गंगा-सतलुज एक्सप्रेस, 13152 कोलकाता एक्सप्रेस, 12204 सहरसा गरीब रथ एक्सप्रेस, 20504 राजधानी एक्सप्रेस, 13430 मालदा टाउन एक्सप्रेस, 13019 बाघ एक्सप्रेस, 12353 हावड़ा-लालकुआं साप्ताहिक, 15005 राप्ती-गंगा एक्सप्रेस भी दो घंटे तक की देरी से आईं।