सभागार में एकत्रित फरियादी। संवाद
मीरगंज। डीएम रविंद्र कुमार और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अनुराग आर्य बरेली की अध्यक्षता में तहसील मीरगंज के सभागार में आयोजित संपूर्ण समाधान दिवस में 45 शिकायतें पंजीकृत हुईं। इसमें सबसे अधिक शिकायतें राशन कार्ड और जमीन विवाद को लेकर थी। हालांकि इस दौरान तीन शिकायतों का निस्तारण किया गया।
डीएम और एसएसपी समाधान दिवस में शनिवार दोपहर एक बजकर 10 मिनट पर पहुंचे और 3.39 बजे तक लोगों की शिकायतें सुनीं। जनसामान्य की समस्याओं को सुनकर डीएम ने ससमय और गुणवत्तापूर्ण निराकरण के लिए संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए हैं। डीएम ने कहा कि जिन गांवों से अधिक शिकायतें आ रही हैं। वहां अधीनस्थों को पहुंचकर निस्तारण कराने को कहा है। डीएम ने सरकारी और निजी भूमि पर अवैध कब्जा करने वालों पर रिपोर्ट दर्ज करने के निर्देश दिए हैं। इस दौरान तीन पात्र लाभार्थियों को अंत्योदय कार्ड उपलब्ध कराए गए। इसके अलावा राशन कार्ड न बनने और यूनिट न बढ़ने को लेकर पहुंचे फरियादी परेशान थे, जिनकी शिकायतों को सुनकर डीएम ने आश्वासन दिया।
डीएम के पहुंचते ही लग गईं लंबी कतारें
डीएम के आने से पूर्व एसडीएम और सीओ लोगों की शिकायतें सुन रहे थे। जैसे ही डीएम पहुंचे तो फरियादियों की लंबी कतारें लग गईं। दोपहर दो बजे के बाद भी शिकायतकर्ताओं की भीड़ कम नही हुई तो कर्मचारियों को लगाकर उनके स्थान से ही प्रार्थना पत्र लेकर इकट्ठे कर लिए गए। पंजीकृत शिकायतों में से राजस्व के 15, राशन के पांच, विद्युत के चार, अवैध कब्जा व पुलिस के 10, चकबंदी व जल निगम के एक, नगर विकास और विकास विभाग से संबंधित आठ फरियादी पहुंचे।
राशन न मिलने की बात कहने पर तहसील के बाहर छोड़ा
गांव मनकरा का कैलाश पुत्र लक्ष्मण राशनकार्ड न बनने की शिकायत कर रहा था। उसका कहना था वह निर्धन है। दो साल से लगातार दफ्तरों के चक्कर काट रहा है, लेकिन उसकी कोई सुनवाई नहीं हो रही है। उसकी तेज आवाज को देखते हुए जिलाधिकारी के आने से पहले ही उसे तहसील से बाहर छोड़ दिया गया। शिकायतकर्ता ज्ञानवती पत्नी राजपाल ग्राम रम्पुरा जाटान ने पट्टे की भूमि पर अनाधिकृत रूप से कब्जे की शिकायत की। एक अन्य शिकायतकर्ता दयाराम पुत्र गेंदन लाल निवासी ग्राम परौरा ने बताया कि उन्हें कुछ समय से किसान सम्मान निधि योजना का लाभ नहीं मिल रहा है। संवाद