नहीं दिखा चांद, रमजान 14 से
संवाद न्यूज एजेंसी
बरेली। सोमवार को 29 शाबान पर मुकद्दस माह-ए-रमजान का चांद नजर नहीं आया। दरगाह आला हजरत स्थित मरकजी दारुल इफ्ता की रुयते हिलाल कमेटी से दरगाह ताजुश्शरिया के सज्जादानशीन काजी-ए-हिंदुस्तान मुफ्ती मोहम्मद असजद रजा खां कादरी ने एलान किया है कि बुधवार 14 अप्रैल को पहला रोजा होगा।
जमात रजा के प्रवक्ता समरान खान ने बताया कि सोमवार को 29 शाबान बाद नमाजे मगरिब मरकजी दारुल इफ्ता की रुयते हिलाल कमेटी की ओर से रमजानुल मुबारक का चांद देखने की व्यवस्था की गई थी, आसमान साफ होने के बाद भी चांद नजर नहीं आया और न ही कहीं से कोई शरई शहादत आई। बरोज मंगलवार से 20 रकात नमाज-ए-तरावीह होगी और बुध का पहला रोजा होगा। काजी-ए-हिंदुस्तान मुफ्ती मोहम्मद असजद रजा खां कादरी और जमात रजा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष सलमान मियां ने लोगों को रमजान शरीफ की मुबराकबाद दी। जमात रजा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष सलमान मियां ने अवाम से अपील की है कि अल्लाह की बारगाह में कोरोना के खात्मे के लिए खासी दुआ करें।