बीएड में एडमिशन (सांकेतिक तस्वीर)
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बीएड में दाखिले के लिए पूल काउंसलिंग का सोमवार को अंतिम दिन है। रविवार को शाम सात बजे तक 38,500 अभ्यर्थियों ने फीस जमा करके पंजीकरण कराया है। पूल काउंसलिंग के बाद बाकी बची करीब 30 हजार सीटों पर अब कॉलेज संचालक वारे न्यारे करेंगे। इसके लिए उन्होंने अपना जाल बिछा दिया है।
इस बार बीएड की राज्यस्तरीय प्रवेश परीक्षा कराने की जिम्मेदारी रुहेलखंड विश्वविद्यालय को दी गई थी। प्रवेश परीक्षा में पांच लाख से ज्यादा अभ्यर्थी शामिल हुए। इसके बाद काउंसलिंग की प्रक्रिया शुरू हुई। पहले चरण में करीब 67,500 और दूसरे चरण में करीब 65,500 अभ्यर्थियों ने फीस जमा करके एडमिशन लिया है।
इसके बाद 28 जून से पूल काउंसलिंग शुरू हुई, जिसमें रविवार शाम तक 38,500 अभ्यर्थियों ने पंजीकरण बनाया। सोमवार को काउंसलिंग का अंतिम दिन है, जिसमें 15 हजार तक अभ्यर्थियों के शामिल होने का अनुमान लगाया जा रहा है।
कॉलेजों के खेल से थमी रफ्तार, सीधे लेंगे एडमिशन
बीएड के लिए प्रदेश भर में करीब 25 सौ कॉलेज हैं, जिनमें 2.15 लाख सीटें हैं। पूल काउंसलिंग के बाद भी 30 हजार से अधिक सीटें खाली रहने का अनुमान है। इन सीटों पर कॉलेज सीधे एडमिशन ले सकेंगे। सीधे एडमिशन के जरिये अपनी सीटें भरने के लिए तमाम कॉलेजों ने सेटिंग शुरू कर दी है।
इसके चलते ही किसी कॉलेज ने कम फीस या किसी ने किस्तों में फीस लेने का वादा करके अभ्यर्थियों को काउंसलिंग के बजाय सीधे एडमिशन के लिए राजी कर लिया है। इसके चलते ही काउंसलिंग की रफ्तार भी प्रभावित हुई है।