बृहस्पतिवार को पूर्वांह्न 11 बजे हाईवे पर पानी आने के बाद यातायात रोक दिया गया। कई लोग पानी में बाइक बंद हो जाने के कारण घसीटते हुए आगे बढ़ रहे थे। साथ की महिलाएं और युवतियां उनके पीछे-पीछे चल रहीं थीं। मौजमपुर गांव के सामने कई लोग सड़क पर खड़े थे। इनमें से कुछ बाइक सवारों की मदद कर रहे थे। वहीं, कुछ युवक और किशोर मदद के नाम पर युवतियों के साथ छेड़खानी करने लगे। पानी में फंसकर पहले से परेशान युवतियां शोहदों की इस हरकत से सहम गईं। कई तो चिल्ला पड़ीं।
शोहदे उन्हें जबरन खींच रहे थे। 15 से 20 लड़कों के हाथ में लाठी-डंडे होने की वजह से युवतियां कुछ बोल नहीं सकीं। वे चुपचाप सब सहती रहीं, पर आंखों से बेबसी के आंसू भी बहते रहे। दो लड़कियों ने साहस जुटाते हुए शोहदों का हाथ झटका, लेकिन लड़कों ने उनका पीछा नहीं छोड़ा। कुछ युवतियां पानी में गिर भी गईं। आलम यह था कि लड़कियों को देखते ही शोहदे उन पर झपट पड़ते थे।
चौक कोतवाली पुलिस ने पुलों की निगरानी के लिए सिपाहियों की ड्यूटी लगा दी, लेकिन बीच रास्ते में फंसे लोगों को बचाने के लिए कोई कदम नहीं उठाया। पुलिसकर्मी वहां मौजूद होते तो शायद ऐसी घटना नहीं होती। रास्ते पर खड़े आसपास के गांवों के लोग शोहदों की हरकत पर एतराज तो कर रहे थे, लेकिन उनके तेवर देखकर विरोध करने का साहस नहीं जुटा सके।
मामला जानकारी में नहीं है। यदि ऐसा किया गया है तो शोहदों को चिह्नित करते हुए उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई की जाएगी। ऐसे लोगों को बिल्कुल बख्शा नहीं जाएगा। -सौम्या पांडेय, सीओ सिटी