बरेली। औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान (आईटीआई) सीबीगंज के छात्र-छात्राओं ने रविवार को जीआईसी ऑडिटोरियम में स्टॉल लगाकर अपने तकनीकी मॉडल प्रदर्शित किए। अधिकतर मॉडल वेस्ट टू बेस्ट प्रणाली पर आधारित रहे। इलेक्ट्रीशियन, वेल्डिंग, आर्टिसन, प्लंबर व फिटर ट्रेड के विद्यार्थियों ने अपने मॉडलों की प्रदर्शनी लगाई। इसमें कचरे से बिजली और धुएं से इंक बनाने के मॉडल ने सबको आकर्षित किया।
आईटीआई इलेक्ट्रीशियन ट्रेड की छात्रा अंशु व सृष्टि की टीम ने कचरे से बिजली बनाने का मॉडल पेश किया। छात्राओं ने बताया कि इस मॉडल से बिना देरी के कचरे से बिजली उत्पन्न होगी। वहीं, कचरे से निकलने वाला धुआं से स्याही बनाकर लेखन में इस्तेमाल कर सकते हैं। कचरे से बनी बिजली को कैपसिटर में स्टोर करके बैटरी के जरिये इस्तेमाल की जा सकती है। इस मॉडल ने स्टॉल पर आने वाले सभी लोगों का ध्यान अपनी ओर खींचा। छात्राओं ने यह भी बताया कि इस मॉडल को वेस्ट मटेरियल से तैयार किया गया है। इसकी लागत न के बराबर है।
वेल्डिंग ट्रेड के विद्यार्थियों ने भी बस, रेल इंजन व यमुना एक्सप्रेस वे का मॉडल तैयार किया। छात्र साजिद ने बताया कि मॉडल में माइल्ड स्टील का इस्तेमाल किया गया है। कबाड़ में रखे टूटे हुए लोहे की पत्तियों से मॉडल तैयार किए गए हैं। बस का मॉडल शहर में चलने वाली इलेक्टि्रक सिटी बसों पर आधारित है। माेटर लगाकर इसे संचालित किया जा सकता है। इसे बनाने में मात्र दो दिन और दो हजार रुपये लगे हैं। इसके अलावा यमुना ब्रिज के मॉडल ने भी लोगों का ध्यान अपनी ओर आकर्षित किया। मौके पर मौजूद इंस्ट्रक्टर जय पटेल ने बताया कि अधिकतर विद्यार्थियों ने कम कीमत में बड़े मॉडल तैयार किए हैं। मार्केट में इनकी लागत काफी ज्यादा है।