फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

रुहेलखंड विश्वविद्यालय में महात्मा ज्योतिबा फुले रिसर्च एंड स्टडी सेंटर शुरू

विज्ञापन
विज्ञापन
बरेली। रुहेलखंड विश्वविद्यालय में सोमवार को कुलपति प्रो. केपी सिंह ने महात्मा ज्योतिबा फुले रिसर्च एंड स्टडी सेंटर का शुभारंभ किया। मौका था महात्मा ज्योतिबा फुले की 195वीं जयंती का। कुलपति ने विद्यार्थियों का आह्वान किया कि वे महापुरुषों के जीवन पर शोध करने के लिए आगे आएं।
विज्ञापन

कुलपति ने कहा कि अप्रैल का महीना बहुत ही महत्वपूर्ण है। इसी महीने में भारतीय नववर्ष का प्रारंभ होता है। नवरात्र आदि त्योहार होते हैं। इसी माह में देश के दो महान सपूतों महात्मा ज्योतिबा फुले और बाबा साहब डॉ. भीमराव आंबेडकर का जन्म दिवस भी होता है। उन्होंने कहा, लोकतंत्र को जीवित रखने के लिए संविधान पर अमल करना चाहिए।
जयंती समारोह के मुख्य अतिथि लखनऊ विश्वविद्यालय के प्रोफेसर कालीचरण स्नेही ने कहा कि महात्मा ज्योतिबा फुले 19वीं शताब्दी के महान समाज सुधारक थे। उनका संपूर्ण जीवन समाज के लिए अर्पित रहा। उन्होंने अपने समय में महिलाओं और वंचितों के लिए बंद शिक्षा के द्वार खोले। कहा, महापुरुषों से मुलाकात विश्वविद्यालयों के पुस्तकालयों के माध्यम से होता है। उन्होंने शिक्षा के महत्व पर कहा, शिक्षा ही सभी जरूरतों की पूर्ति का माध्यम है। सारे धर्मों में अच्छी बातें हैं लेकिन उन्हें आचरण में लाने की आवश्यकता है। इस मौके पर परीक्षा नियंत्रक अशोक कुमार अरविंद, समन्वयक डॉ. सुरेश कुमार, शिक्षक संघ अध्यक्ष डॉ. कौशल कुमार, डॉ. पवन कुमार सिंह, डॉ. अशोक कुमार, प्रो. रश्मि अग्रवाल, प्रो. संतोष अरोड़ा, प्रो. तूलिका सक्सेना, डॉ. कामिनी आदि मौजूद रहीं।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें