परिजन बोले- पहचान मिटाने को चेहरे पर किया वार
परिजनों के मुताबिक मुन्नी देवी गांव से ई-रिक्शा पर बैठकर गईं थीं। ग्रामीणों ने उन्हें जाते हुए देखा भी था। मोबाइल घर छूट गया था। फिर वह गांव से करीब आठ किमी दूर रेलवे ट्रैक पर कैसे पहुंचीं, यह जांच का विषय है। रेलवे ट्रैक पर शव मिलने पर भी मुन्नी के शरीर का कोई अंग नहीं कटा था।
सिर और चेहरे पर गहरी चोट पहुंचाकर पहचान मिटाने का प्रयास किया गया था। थाना प्रभारी मीरगंज बहादुर सिंह ने बताया कि प्राथमिक तौर पर मामला ट्रेन से कटकर आत्महत्या का लग रहा है। इंजन की टक्कर से शव की हालत बिगड़ी होगी। बाकी स्थिति पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट से ही साफ हो सकेगी।
एसपी उत्तरी मुकेश चंद्र मिश्रा ने बताया कि महिला ट्रेन से कटी होगी। हत्या जैसा कोई मामला संज्ञान में नहीं है। परिवार इस तरह की तहरीर देगा तो पोस्टमार्टम रिपोर्ट व अन्य तथ्यों से जांच करा ली जाएगी।
आठ महिलाओं की जा चुकी है जान
करीब चार महीने पहले तक फतेहगंज पश्चिमी के आसपास का इलाका महिलाओं की हत्या के लिए खासा चर्चित था। शाही और शीशगढ़ थाने के गांवों में आठ महिलाओं के शव मिले थे। गांव कुल्छा गौंटिया, प्रेमपुर, खजुरिया, मुबारकपुर, सेवा ज्वालापुर, आनंदपुर और शीशगढ़ में मिले इन शवों में से अधिकांश के गले उन्हीं के कपड़ों से कसे मिले थे। हत्या करने वाले गिरोह या सटीक अपराधी को पकड़ने में पुलिस नाकाम साबित हुई थी।