बरेली। मीरगंज में सर्राफ के घर हुई एक करोड़ की डकैती का रविवार को खुलासा हो गया। मेरठ के यासीन गैंग ने वारदात को अंजाम दिया था। अमर उजाला की तफ्तीश में भी इसी गैंग पर शक जताया गया था। यासीन समेत पांच डकैतों की गिरफ्तारी के साथ पुलिस टीम ने सोना-चांदी के एक किलो जेवर, बारह लाख रुपये, असलहे, कारतूस और कार बरामद की है।
एसएसपी धर्मवीर यादव ने बताया कि सर्विलांस की मदद से पता लगा कि सर्राफ रामपाल गुप्ता के घर डकैती डालने वाले बदमाश 28 नवंबर की रात दो कारों से नल नगरिया चौराहे पर किसी साथी से मिलने आ रहे हैं। 29 नवंबर को सुबह साढ़े पांच बजे जैसे ही दो गाड़ियां चौराहे पर आकर रुकीं, पुलिस टीमों ने घेराबंदी कर अरशद उर्फ असद और नसरुद्दीन निवासी विकासपुरी, थाना लिसाड़ी गेट, मेरठ, इसी जिले के थाना किला परीक्षित गढ़ के खजूरी दरवाजा निवासी यासीन शेख पुत्र बाबू, इंतेजार कुरैशी पुत्र कलुआ निवासी श्यामनगर, थाना लिसाड़ी गेट, राजू उर्फ शहजाद पुत्र तुफैल अहमद निवासी गोला कुंआ के अलावा अमन सक्सेना पुत्र स्वर्गीय लाल बहादुर सक्सेना निवासी प्रतीक रेजीडेंसी ग्रेटर नोएडा को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में यासीन और उसके साथियों ने बताया कि उनके गैंग में मेरठ के परीक्षित गढ़ के शहजाद पुत्र यामीर, सोनू पुत्र इस्लाम, चंदू उर्फ चांद पुत्र सत्तार, पिंटू पुत्र रामवीर सिंह और रिजवान निवासी श्याम नगर भी शामिल हैं। डकैतों के पास से 32 बोर की दो पिस्टल, दो देशी तमंचे, चाकू, 12 लाख रुपये नकद, एक किलो सोने-चांदी के जेवर और घटना में इस्तेमाल कार बरामद हुई है। एसएसपी के मुताबिक यासीन, अरशद और इंतेजार कुरैशी और उसके दो साथी प्रेमनगर में एक जून को हुई बाइस लाख रुपये की लूट में भी वांछित थे। इसी गैंग ने फरीदपुर की एसके फ्लोर मिल में हुई 22 लाख रुपये की लूट में भी शामिल होने की बात स्वीकार की है। पुलिस टीम को एसएसपी ने पांच हजार रुपये इनाम देने की घोषणा की है।