फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

अफसरों पर भड़के प्रभारी मंत्री, स्वच्छता में बरेली को फिसड्डियों में करवा दिया शामिल

विज्ञापन
बैठक करते प्रभारी मंत्री। - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, बरेली
विज्ञापन

जिला योजना की ऑनलाइन बैठक में ऊर्जामंत्री श्रीकांत शर्मा ने लगाई क्लास

बरेली। स्वच्छता सर्वेक्षण में बरेली की रैंक गिरी तो प्रभारी मंत्री को गुस्सा आ गया। जिला योजना की ऑनलाइन मीटिंग में प्रभारी मंत्री ने सिस्टम पर जमकर भड़के। कहा- कि शहर को स्मार्ट बनाने के बजाय अफसरों ने स्वच्छता में बरेली को फिसड्डियों में शामिल करा दिया। उन्होंने बिजली, स्वास्थ्य, सफाई व्यवस्था पर नाराजगी जताई। निर्देश दिए कि शहर में सफाई, प्रकाश, सड़क, सीवर, पेयजल आदि व्यवस्था के लिए एडीएम स्तर पर टीम बना दी जाए। साथ ही सवाल भी किया - जब हम पूरी बिजली दे रहे हैं तब लोगों तक क्यों नहीं पहुंच रही है।
विज्ञापन

बृहस्पतिवार दोपहर ऊर्जामंत्री पंडित श्रीकांत शर्मा ने वेबिनॉर बैठक कर जिला योजना का बजट स्वीकृत किया। इसके बाद उन्होंने विधायकों से जिले में संचालित विभिन्न विकास योजना, बिजली सप्लाई, स्वास्थ्य सेवाओं, सफाई, सड़क स्थित की जानकारी ली। उन्होंने नाराजगी जताते हुए अफसरों से कहा कि स्मार्ट सिटी में शामिल शहर स्वच्छता रैंकिंग में सबसे नीचे आ गया है। शहर को सबसे पीछे की लाइन में लाकर खड़ा करने वाले इसे अब अव्वल बनाएं। उन्होंने नगर आयुक्त से कहा कि वे शहर में रात में सफाई अभियान चलाएं और स्ट्रीट लाइट, सीवर और पानी आदि व्यवस्था दुरुस्त कराने को अपनी टीम बनाएं। डीएम नीतीश कुमार से कहा कि वे इसके लिए एडीएम स्तर पर कमेटी बनाकर अभियान चलवाएं। उन्होंने पूछा- जब सरकार बजट और अन्य सुविधाएं दे रही है तो शहर में दुर्दशा क्यों? प्रभारी मंत्री ने डीएम से कहा कि कमिश्नर से कह दें कि शहर अगली बार पहले नंबर आना चाहिए। बजट बैठक में जनप्रतिनिधियों ने सड़कों की स्थिति, राशन वितरण और कार्ड की गड़बड़ी, प्रस्तावित पुल निर्माण, पेयजल, सफाई आदि मामले उठाए। विधायकों ने कहा कि उन्हें अफसर किसी भी परियोजना आदि की जानकारी नहीं देते हैं कौन सी कब आई और कब पूरी हो गई कुछ पता नहीं।

विधायकों का गुस्सा, बिजली अफसरों पर जनता की खीझ भी हम झेलते हैं

ऊर्जामंत्री ने बिजली सप्लाई संबंधी जानकारी मांगी तब विधायकों ने शहर से गांवों तक बदहाल स्थिति से अवगत कराया। जनप्रतिनिधियाें ने कहा कि बिजली अफसरों की कार्यशैली से नाराज लोगों की खीज भी उन्हें झेलना पड़ता है। विधायक धर्मपाल सिंह ने बताया कि नलकूप लाइनों पर दस घंटे की जगह बमुश्किल सात घंटे ही सप्लाई मिल रही। ट्रांसफार्मर समय से नहीं बदले जा रहे हैं। मनमानी कटौती हो रही है। डॉ. अरुण कुमार ने कहा कि कभी भी सप्लाई गुल हो जाती है। कोहाड़ापीर, राजेंद्रनगर, चाईबाई, गांधीनगर समेत पूरा शहर सप्लाई अव्यवस्था से प्रभावित है। कटौती, ट्रिपिंग और फाल्ट से लोग परेशान हैं। लोग फोन करते हैं तो बिजली वाले रिसीव करते हैं। कटौती की जानकारी तक नहीं दी जाती है। विधायक बहोरन लाल मौर्य ने भी शहर और गांवों में कटौती और फाल्ट ज्यादा होने की व्यथा सुनाई।

हम पूरी बिजली दे रहे फिर समस्या क्यों है..

जिले में बिजली अव्यवस्था सुनकर ऊर्जामंत्री भड़क गए और बोले- हम पूरी सप्लाई दे रहे हैं तो नीचे कटौती क्यों की जा रही है। इस पर विभागीय अधिकारी बगले झांकने लगे। चीफ इंजीनियर ने बताया कि कटौती नहीं हो रही है। 63 एमवीए ट्रांसफार्मर खराब होने से समस्या आयी थी। हालांकि, इस जानकारी से विधायक सहमत नहीं दिखे। इस पर ऊर्जामंत्री पंडित श्रीकांत शर्मा ने कहा कि 48 घंटे ट्रांसफार्मर बदला जाएं और इसकी शिकायत 1912 पर करें। इस पर त्वरित कार्रवाई होगी। निर्देश दिए कि एसई और एक्सईएन विधायकों से संपर्क कर समस्या हल कराएं। एसडीओ और जेई फोन उठाना सुनिश्चित करें।
विज्ञापन

 
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें