बरेली। लॉकडाउन में किसानों से घर-घर जाकर संपर्क कर उन्हें सरकारी केंद्रों पर गेहूं बेचने के लिए प्रेरित करने के बजाय ज्यादातर सेंटर इंचार्ज सारा दिन कुर्सी पर जमे रहते हैं। इसकी वजह से केंद्रों पर काफी कम खरीद हो रही है। उधर, बिचौलिये इसका फायदा उठा रहे हैं। वे सीधे खेतों पर जाकर गेहूं खरीद रहे हैं। एडीएम (प्रशासन) और डिप्टी आरएमओ ने ऐसा ही मामला भोजीपुर के पास पकड़ा। यहां सेंटर इंचार्ज ने अब तक दो-ढाई क्विंटल ही गेहूं की खरीद की थी। अफसरों ने लापरवाही पर सेंटर इंचार्ज को फटकार लगाई।
एडीएम (प्रशासन) वीके सिंह और डिप्टी आरएमओ सुनील भारती ने चेकिंग के दौरान भोजीपुरा के अटापट्टी जलोबी में पीसीएफ का क्रय केंद्र को देखा। यहां सेंटर इंचार्ज ने बताया कि 20 अप्रैल से अब तक दो-ढाई क्विंटल ही खरीद हुई है। कहा, क्षेत्र में सक्रिय कई बिचौलिये किसानों के खेतों से सीधे 1850 से 1870 रुपये प्रति क्विंटल तक गेहूं खरीद रहे हैं, जबकि सरकारी सेंटरों पर 1925 रुपये का रेट है। अफसरों ने इस लापरवाही पर सेंटर इंचार्ज को फटकार लगाते हुए कहा कि उन्हें भी क्षेत्र में निकलकर किसानों से संपर्क कर सरकारी केंद्रों पर गेहूं लाने के लिए प्रेरित करना चाहिए। उन्होंने सेंटर इंचार्ज को दोबारा ऐसी स्थिति मिलने पर कार्रवाई की चेतावनी दी। गौरतलब है कि जिले में अब तक करीब 10 हजार मीट्रिक टन गेहूं की खरीद हो सकी है, जबकि प्रशासन को 1.62 लाख मीट्रिक टन खरीद का लक्ष्य पूरा करना है।